संयुक्त सचिव भारत सरकार ने निवाड़ी जिले में योजनाओं की जमीनी हकीकत देखी, जमुनिया व गुजर्रा खुर्द में कार्यों का किया निरीक्षण
खाद्य प्रसंस्करण, प्राकृतिक खेती और पशुपालन को लेकर दिए अहम सुझाव, PLP 2026–27 का हुआ अनावरण

Today india news mp निवाड़ी।
संयुक्त सचिव भारत सरकार एवं प्रधानमंत्री कृषि धन्य धान्य योजना के केंद्रीय नोडल अधिकारी अजीत कुमार ने गुरुवार को निवाड़ी जिले के प्रवास के दौरान ग्राम पंचायत जमुनिया एवं गुजर्रा खुर्द पहुंचकर केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत संचालित कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कृषि, उद्यानिकी, खाद्य प्रसंस्करण एवं पशुपालन से जुड़ी गतिविधियों की प्रगति का जायजा लिया और
अधिकारियों व हितग्राहियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

जमुनिया में उद्यानिकी व खाद्य प्रसंस्करण उत्पादों का अवलोकन
संयुक्त सचिव अजीत कुमार ने ग्राम पंचायत जमुनिया में उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों का अवलोकन किया। फल क्षेत्र विस्तार योजना के अंतर्गत प्रगतिशील कृषक देव सिंह राजपूत के बाग में कश्मीरी बेर, बनारसी बेर, ताइवान अमरूद, जी-9 केला, कश्मीरी सेब, लीची, सफेद जामुन, चीकू सहित अन्य फसलों को देखा।
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उन्होंने ड्रिप इरिगेशन प्रणाली का भी निरीक्षण किया तथा किसानों को मूल्य संवर्धन और खाद्य प्रसंस्करण के माध्यम से आय बढ़ाने की समझाइश दी। इस दौरान प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने हेतु धनजीवामृत, नीमास्त्र और मटका खाद जैसे नवाचारों की सराहना करते हुए इनके अधिक उपयोग के लिए प्रेरित किया।
PLP 2026–27 का हुआ औपचारिक अनावरण
प्रधानमंत्री कृषि धन्य धान्य योजना के अंतर्गत कृषि पर्यटन केंद्र जमुनिया (ओरछा) में आयोजित फील्ड विजिट के दौरान संभाव्यतायुक्त ऋण योजना (PLP) 2026–27 का औपचारिक अनावरण किया गया।
PLP 2026–27 दस्तावेज़ के अनुसार आगामी वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए निवाड़ी जिले में कुल ₹50,636.02 लाख की ऋण संभाव्यता का आकलन किया गया है।

यह योजना जिले में कृषि, संबद्ध गतिविधियों, उद्यमिता एवं आजीविका संवर्धन के माध्यम से समग्र एवं समावेशी विकास के लिए एक सशक्त रोडमैप प्रस्तुत करती है।
गुजर्रा खुर्द में कृत्रिम गर्भाधान ईकाई का निरीक्षण
ग्राम पंचायत गुजर्रा खुर्द में भ्रमण के दौरान संयुक्त सचिव ने पशुपालक श्री रानू यादव एवं गौमेत्री श्री महेश यादव द्वारा संचालित कृत्रिम गर्भाधान ईकाई का निरीक्षण किया।

पिछले पांच वर्षों में किए गए नस्ल सुधार कार्यों के अंतर्गत यहां 20 उन्नत नस्ल की मुर्रा भैंस एवं 26 विभिन्न आयु वर्ग के पशु उपलब्ध हैं। पशुपालक ने बताया कि वर्षभर हरा चारा उत्पादन किया जाता है, केसीसी का लाभ लिया गया है तथा एफएमडी रोग का टीकाकरण भी कराया गया है। कृत्रिम गर्भाधान इकाई को एक उन्नत पशुपालन फार्म के रूप में विकसित किया गया है।

अधिकारी रहे उपस्थित
इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती जमुना भिड़े, जिला पंचायत सीईओ रोहन सक्सेना, डिप्टी कलेक्टर सुश्री स्वाति सिंह, परियोजना संचालक आत्मा भरत राजवंशी, सहायक कृषि अधिकारी सुश्री संजना जैन, सहायक संचालक उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग अरुण कुमार पटले, पशुपालन एवं डेयरी विकास अधिकारी अजीत दीक्षित, मत्स्य निरीक्षक आर.पी. पटेल सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।




