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बंगाल Exit Poll की गूंज अब पड़ोसी देश में, बांग्लादेशी सांसद ने जताई ‘बड़ी’ चिंता

पश्चिम बंगाल में भाजपा की संभावित जीत से घबराया बांग्लादेश, संसद में रिफ्यूजी संकट पर हुई चर्चा

ब्यूरो रिपोर्ट, टुडे इंडिया न्यूज एमपी ढाका/कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के एग्जिट पोल के नतीजों ने न केवल भारत, बल्कि पड़ोसी देश बांग्लादेश की राजनीति में भी हलचल पैदा कर दी है। बंगाल में मतदान संपन्न होने के बाद आए रुझानों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को मिल रही बढ़त को देखते हुए बांग्लादेश की संसद में रिफ्यूजी संकट का मुद्दा गूंज उठा है।

​सांसद अख्तर हुसैन की चेतावनी बांग्लादेशी सांसद अख्तर हुसैन ने वहां की संसद में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि अगर पश्चिम बंगाल के चुनाव परिणामों में भाजपा की जीत होती है, तो यह बांग्लादेश के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता है। उन्होंने आशंका जताई कि भाजपा की सरकार बनने पर “घुसपैठियों” को वापस भेजने की प्रक्रिया तेज हो सकती है, जिससे बांग्लादेश में एक बड़ा ‘रिफ्यूजी संकट’ खड़ा हो जाएगा।

​एग्जिट पोल के बाद बढ़ी बेचैनी भारत के प्रमुख एग्जिट पोल्स (जैसे ‘टुडेज चाणक्य’ और ‘मैट्रिज’) ने पश्चिम बंगाल में भाजपा को स्पष्ट बहुमत या कड़ी टक्कर में दिखाया है। इन नतीजों के सार्वजनिक होते ही बांग्लादेशी गलियारों में इस बात की चर्चा तेज हो गई है कि क्या सीमा पार से होने वाली आवाजाही और नागरिकता जैसे मुद्दों पर भारत का रुख और कड़ा होने वाला है।

​एग्जिट पोल के आंकड़ों से बढ़ी धड़कनें विभिन्न एग्जिट पोल्स में भाजपा को पश्चिम बंगाल में बड़ी बढ़त दिखाई गई है:

  • ​Today’s Chanakya: भाजपा – 192, टीएमसी – 100
  • ​Matrize: भाजपा – 146-161, टीएमसी – 125-140
  • ​P-Marq: भाजपा – 150-175, टीएमसी – 118-138

​भारत में सियासी प्रतिक्रिया सांसद के इस बयान पर भारत में भी प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गई हैं। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया पर इस वीडियो को साझा करते हुए इसे तृणमूल कांग्रेस (TMC) की नीतियों से जोड़कर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश की संसद में इस तरह की चिंता दिखाती है कि घुसपैठ का मुद्दा कितना गंभीर है।

​अहम बिंदु: * संसद में गूंज: बांग्लादेशी संसद में बंगाल चुनाव को लेकर पहली बार इस तरह की सीधी चिंता व्यक्त की गई है।

  • ​रिफ्यूजी संकट: सांसद ने दावा किया कि अगर वहां से लोग वापस भेजे जाते हैं, तो ढाका के लिए उन्हें संभालना मुश्किल होगा।
  • ​चुनाव परिणाम का इंतजार: पश्चिम बंगाल चुनाव के आधिकारिक नतीजे 4 मई को आएंगे, जिस पर अब पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं।

​इस खबर के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी बहस छिड़ गई है। भारत में जहां इसे भाजपा की राष्ट्रवादी नीतियों की जीत माना जा रहा है, वहीं बांग्लादेश इसे अपने आंतरिक सुरक्षा और अर्थव्यवस्था के लिए खतरे के रूप में देख रहा है।

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