भारत-पाक बॉर्डर पर अवैध निर्माणों पर चलेगा बुलडोजर: अमित शाह का सख्त निर्देश
बीकानेर में गृह मंत्री की हाई-लेवल बैठक; सीमा सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए तैयार हुआ '360 डिग्री सिक्योरिटी प्लान'

टुडे इंडिया न्यूज, ब्यूरो
बीकानेर/नई दिल्ली: देश की सीमाओं को पूरी तरह सुरक्षित और अभेद्य बनाने के लिए मोदी सरकार ने एक और बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय गृह व सहकारिता मंत्री अमित शाह ने भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे 15 किलोमीटर के दायरे में आने वाले सभी अवैध निर्माणों को तुरंत ध्वस्त करने का सख्त निर्देश दिया है। मंगलवार को राजस्थान के बीकानेर में आयोजित एक उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक में गृह मंत्री ने सीमावर्ती जिलों की सुरक्षा स्थिति का गहन आकलन किया और अवैध गतिविधियों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ (कतई बर्दाश्त नहीं) की नीति अपनाने की बात कही।
बैठक से पहले गृह मंत्री अमित शाह ने सीमा पर स्थित सांचू चौकी का दौरा कर जमीनी सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और बीएसएफ जवानों का हौसला बढ़ाया।
5 बॉर्डर जिलों के डीएम और एसपी को मिले विशेष अधिकार
इस हाई-लेवल बैठक में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, राज्य के वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों सहित सीमा से सटे पांच प्रमुख जिलों—बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर, श्रीगंगानगर और फलौदी के जिला कलेक्टर (डीएम) और पुलिस अधीक्षक (एसपी) मौजूद रहे। इनके अलावा केंद्र सरकार और सुरक्षा एजेंसियों के कई आला अधिकारी भी इस मंथन का हिस्सा बने।
अमित शाह ने साफ किया कि देश की सीमाओं की सुरक्षा में जिलाधिकारियों (डीएम) और पुलिस अधीक्षकों (एसपी) की भूमिका सबसे अहम है। उन्होंने पांचों जिलों के कप्तानों को निर्देश दिए कि वे:
- सीमाई इलाकों के सभी बैंकों में पूर्ण कानूनी और वित्तीय अनुपालन सुनिश्चित करें।
- बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का सत्यापन कर उनके फंडिंग के स्रोतों की बारीकी से जांच करें।
- अवैध वित्तीय लेन-देन के लिए इस्तेमाल होने वाले म्यूल खातों (Mule Accounts) और शेल कंपनियों (फर्जी कंपनियों) को ट्रैक कर उनके खिलाफ कार्रवाई करें।
- राष्ट्रीय सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने वाले फर्जी दस्तावेजों व पहचान पत्रों (जैसे नकली आधार कार्ड) की पहचान कर उन्हें तुरंत ब्लॉक करें।
तैयार हुआ ‘360 डिग्री सुरक्षा फ्रेमवर्क’
सीमा पार से होने वाली घुसपैठ, ड्रग्स की तस्करी, अवैध अतिक्रमण, आतंकी फंडिंग और अन्य आपराधिक गतिविधियों पर पूरी तरह से शिकंजा कसने के लिए बैठक में एक ‘360 डिग्री सुरक्षा फ्रेमवर्क’ तैयार करने का निर्णय लिया गया है।
इस रणनीति के तहत सीमा सुरक्षा बल (BSF), केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT), नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) और राज्य सरकार की मशीनरी एक साथ मिलकर एकीकृत (Coordinated) प्रयास करेंगी। इस सुरक्षा चक्र में स्थानीय नागरिकों की सक्रिय भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि सीमा प्रबंधन को अंतिम छोर तक मजबूत किया जा सके।
साइबर क्राइम और नए कानूनों पर जोर
गृह मंत्री ने साइबर अपराधों के त्वरित निवारण के लिए “1930” राष्ट्रीय हेल्पलाइन (कॉल सेंटर) के प्रभावी उपयोग पर जोर दिया। साथ ही, देश में लागू हुए तीन नए आपराधिक कानूनों को पूरी तरह से जमीन पर उतारकर कानून प्रवर्तन व्यवस्था और न्यायिक प्रक्रिया को और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश दिए।
चार राज्यों का महा-अभियान: गुजरात, त्रिपुरा और बंगाल का भी होगा दौरा
राजस्थान में सुरक्षा ग्रिड को मजबूत करने के बाद, गृह मंत्री अमित शाह का यह सीमा सुरक्षा मिशन देश के अन्य हिस्सों में भी जारी रहेगा।
- गुजरात दौरा: गृह मंत्री शुक्रवार को गुजरात के सीमावर्ती इलाकों (कच्छ के हरामी नाला सहित) का दौरा करेंगे और वहां की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा करेंगे।
- त्रिपुरा दौरा: आगामी 5 जून को शाह त्रिपुरा से सटी अंतरराष्ट्रीय सीमा का जायजा लेंगे।
- पश्चिम बंगाल दौरा: इसके बाद 15 जून के आसपास वे पश्चिम बंगाल की सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था और बुनियादी ढांचे की समीक्षा के लिए पहुंचेंगे।
इस महा-अभियान का मुख्य उद्देश्य पाकिस्तान और बांग्लादेश से लगती भारतीय सीमाओं को पूरी तरह से सुरक्षित, अभेद्य और ‘स्मार्ट बॉर्डर’ प्रोजेक्ट के तहत एक मजबूत सुरक्षा ग्रिड में तब्दील करन




