मल्लिकार्जुन खरगे का बड़ा एलान: कर्नाटक में नहीं बदलेगा नेतृत्व, सिद्धारमैया ही रहेंगे मुख्यमंत्री
नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों पर लगा विराम; खरगे ने साफ किया— फिलहाल आलाकमान के एजेंडे में 'कुर्सी का बदलाव' नहीं

बेंगलुरु/नई दिल्ली:
कर्नाटक कांग्रेस में पिछले कई दिनों से चल रही मुख्यमंत्री पद की खींचतान और ‘ढाई-ढाई साल’ के फॉर्मूले की चर्चाओं पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पूर्ण विराम लगा दिया है। खरगे ने स्पष्ट कर दिया है कि फिलहाल कर्नाटक में मुख्यमंत्री बदलने का कोई इरादा नहीं है और सिद्धारमैया अपने पद पर बने रहेंगे।
खरगे के बयान के मुख्य बिंदु:
- स्थिरता को प्राथमिकता: खरगे ने कहा कि सरकार पूरी मजबूती के साथ राज्य के विकास और गारंटी योजनाओं को लागू करने में जुटी है।
- अटकलों को खारिज किया: पार्टी के भीतर और बाहर चल रही नेतृत्व परिवर्तन की खबरों को उन्होंने निराधार बताया।
- सामूहिक नेतृत्व: उन्होंने जोर दिया कि डीके शिवकुमार और सिद्धारमैया मिलकर पार्टी और सरकार को आगे बढ़ा रहे हैं।
क्यों गरमाई थी राजनीति?
कर्नाटक में कांग्रेस की जीत के बाद से ही उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के समर्थकों और सिद्धारमैया गुट के बीच सत्ता के हस्तांतरण को लेकर बयानबाजी तेज हो गई थी। कई मंत्रियों ने सार्वजनिक रूप से नए सीएम की मांग की थी, जिससे सरकार की छवि पर असर पड़ रहा था।
“हमारा लक्ष्य कर्नाटक की जनता से किए गए वादों को पूरा करना है। मुख्यमंत्री पद को लेकर कोई भ्रम नहीं है, सिद्धारमैया जी के नेतृत्व में सरकार बेहतरीन काम कर रही है।”
— मल्लिकार्जुन खरगे, कांग्रेस अध्य




