ग्वालियर में रचेगा इतिहास: RSS की विचारधारा से प्रेरित देश की पहली यूनिवर्सिटी ‘ऋषि गालव विश्वविद्यालय’ को मिली मंजूरी
₹110 करोड़ की लागत, 34 एकड़ का भव्य कैंपस और गुरु पूर्णिमा से शुरुआत; जानिए आधुनिक शिक्षा और भारतीय संस्कारों के इस अनूठे संगम की पूरी कहानी।

ग्वालियर।
मध्य प्रदेश का ऐतिहासिक शहर ग्वालियर शिक्षा के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचने जा रहा है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की विचारधारा और विजन से प्रेरित देश की पहली अनूठी यूनिवर्सिटी ग्वालियर में खुलने जा रही है। इसका नाम महान तपस्वी के नाम पर ‘ऋषि गालव विश्वविद्यालय’ रखा गया है।
यह विश्वविद्यालय न केवल आधुनिक शिक्षा का केंद्र बनेगा, बल्कि नई पीढ़ी में राष्ट्रीय चरित्र और नैतिक संस्कारों का बीजारोपण भी करेगा।
34 एकड़ का हाईटेक कैंपस, ₹110 करोड़ का निवेश
ऋषि गालव विश्वविद्यालय का निर्माण ग्वालियर के शिवपुरी लिंक रोड पर स्थित ग्राम बेला में किया जा रहा है।
- लागत: इस भव्य प्रोजेक्ट को तैयार करने में करीब ₹110 करोड़ का खर्च आएगा।
- क्षेत्रफल: यह पूरा विश्वविद्यालय 34 एकड़ में फैले विशाल और आधुनिक कैंपस में आकार ले रहा है।
- क्षमता: कैंपस को इस तरह डिजाइन किया जा रहा है जहाँ 5000 छात्र एक साथ उच्च शिक्षा ग्रहण कर सकेंगे।
रोजगारपरक कोर्सेस के साथ ‘भारतीय ज्ञान परंपरा’ का संगम
इस विश्वविद्यालय की सबसे बड़ी खासियत इसका पाठ्यक्रम होगा। यहाँ छात्रों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के साथ-साथ जड़ों से जोड़े रखने का प्रयास किया जाएगा:
- आधुनिक एवं रोजगारपरक कोर्सेस: इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, नर्सिंग और पैरामेडिकल जैसे कोर सेक्टर्स की पढ़ाई होगी ताकि युवाओं को तुरंत रोजगार मिल सके।
- संस्कार और चरित्र निर्माण: सामान्य किताबी ज्ञान से अलग यहाँ भारतीय ज्ञान परंपरा, नैतिक संस्कार और राष्ट्रीय चरित्र निर्माण पर विशेष जोर दिया जाएगा।
अगले साल ‘गुरु पूर्णिमा’ से शुरू होगा पहला सत्र
मैनेजमेंट ने इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के लिए एक टाइमलाइन तय कर दी है। अगले साल 18 जुलाई 2027 (गुरु पूर्णिमा) के पावन अवसर पर विश्वविद्यालय का पहला शैक्षणिक सत्र शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।




