https://todayindianewsmp.live/wp-content/uploads/2024/01/jjujuu.gifUncategorizedअयोध्याउत्तर प्रदेशक्राइमटॉप न्यूज़दिल्ली NCRदेशधर्मनईदिल्लीनिवाड़ीभोपालमध्य प्रदेशराजनीतिलखनऊश्रीराम मंदिरश्रीरामराजा सरकार धाम ओरछासुप्रीमकोर्टसेवा तीर्थ PMOसोशल मीडिया प्लेटफार्महाइकोर्ट इलाहाबाद

​राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: VHP ने अयोध्या पुलिस को लिखा पत्र; प्रियंका गांधी, केजरीवाल और विपक्षी नेताओं से सबूत मांगने की मांग, न मिलने पर सख्त कार्रवाई की अपील

​वीएचपी के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार का बड़ा कदम– 'करोड़ों के गबन का दावा करने वाले नेताओं से हो पूछताछ, जानें क्या है उनके आरोपों का आधार'

​अयोध्या/नई दिल्ली:

अयोध्या के भव्य राम मंदिर में चढ़ावा और दान चोरी के कथित मामले को लेकर देश में मचे भारी सियासी घमासान के बीच विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने एक बड़ा कदम उठाया है। वीएचपी के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिवक्ता आलोक कुमार ने अयोध्या के डीएसपी और इस मामले के जांच अधिकारी (IO) आशुतोष तिवारी को एक औपचारिक पत्र भेजा है।

​इस पत्र में मांग की गई है कि सोशल मीडिया, टीवी चैनलों और सार्वजनिक मंचों पर करोड़ों रुपये की चोरी के दावे करने वाले विपक्षी नेताओं– जिनमें कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा, आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल, सपा नेता अखिलेश यादव, राम गोपाल यादव और संजय सिंह शामिल हैं, को जांच एजेंसी द्वारा तलब किया जाए और उनसे पूछताछ कर सबूत मांगे जाएं।

​प्रमुख बिंदु: पत्र में वीएचपी की मुख्य मांगें

    • ​बयानों का दर्ज हो रिकॉर्ड: वीएचपी प्रमुख आलोक कुमार के मुताबिक, इन विपक्षी नेताओं ने सार्वजनिक डोमेन में बयानों के दौरान चोरी की गई रकम के बेहद सटीक आंकड़े (जैसे 20,000 करोड़ या 200 करोड़ रुपये) पेश किए हैं। इससे प्रतीत होता है कि वे इस मामले के तथ्यों और परिस्थितियों से पहले से ही अच्छी तरह वाकिफ हैं। इसलिए निष्पक्ष जांच के लिए उनके बयान दर्ज होना जरूरी है।
    • ​सबूत सौंपने की अपील: वीएचपी ने कहा है कि यदि इन नेताओं के पास अपने दावों को सच साबित करने के लिए कोई पुख्ता दस्तावेज, स्रोत या सामग्री है, तो वे उसे तुरंत जांच अधिकारी (SIT) को सौंपें ताकि मामले की तह तक पहुंचने में मदद मिल सके।
    • ​सबूत न मिलने पर हो सख्त कार्रवाई: पत्र में साफ तौर पर लिखा गया है कि अगर जांच के बाद यह पाया जाता है कि इन प्रभावशाली नेताओं ने बिना किसी तथ्यात्मक आधार या सपोर्टिंग मैटेरियल के केवल अफवाह फैलाने और माहौल खराब करने के लिए इतने गंभीर आरोप लगाए हैं, तो जांच एजेंसी को उनके खिलाफ कानून के तहत सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई करनी चाहिए।

​क्या है पूरा मामला?

राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया है, जिसने हाल ही में मंदिर परिसर का दौरा कर जांच को तेज कर दिया है। इस मामले में पुलिस अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है, वहीं विपक्षी दल इस मुद्दे को लेकर लगातार ट्रस्ट और सरकार पर हमलावर हैं। इसी बयानबाजी पर अब वीएचपी ने पलटवार करते हुए विपक्षी नेताओं को ही जांच के दायरे में लाने की मांग कर दी है।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Click to listen highlighted text!
error: Content is protected !!