भारत टैक्सी’ के चालक अब ड्राइवर नहीं, सम्मान के साथ ‘सारथी’ कहलाएँगे : अमित शाह
टैक्सी चालकों की गरिमा बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम, सेवा को पेशा नहीं—सम्मानजनक जिम्मेदारी के रूप में स्थापित करने की पहल

नईदिल्ली:- नईदिल्ली देशभर में टैक्सी सेवाओं से जुड़े लाखों चालकों को सामाजिक सम्मान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने घोषणा की है कि ‘भारत टैक्सी’ से जुड़े चालक अब केवल ड्राइवर नहीं बल्कि ‘सारथी’ के रूप में जाने जाएंगे।

इस पहल का उद्देश्य टैक्सी चालकों के कार्य को महज वाहन संचालन तक सीमित न मानते हुए उन्हें समाज में एक जिम्मेदार सेवा प्रदाता के रूप में पहचान दिलाना है। ‘सारथी’ शब्द भारतीय संस्कृति में मार्गदर्शक और सहयोगी की भूमिका को दर्शाता है, जो यात्रियों को सुरक्षित और सुगम यात्रा सुनिश्चित करता है।
गृह मंत्री ने कहा कि टैक्सी चालक देश की परिवहन व्यवस्था की रीढ़ हैं और वे प्रतिदिन लाखों यात्रियों को उनके गंतव्य तक सुरक्षित पहुँचाने का कार्य करते हैं। ऐसे में उनके योगदान को सम्मानजनक पहचान देना आवश्यक है।

इस निर्णय से न केवल चालकों का मनोबल बढ़ेगा बल्कि समाज में उनके प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण भी विकसित होगा।‘

भारत टैक्सी’ नेटवर्क से जुड़े चालकों को। अब आधिकारिक दस्तावेजों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों एवं पहचान पत्रों में ‘सारथी’ के रूप में संबोधित किया जाएगा। इसके साथ ही सेवा गुणवत्ता में सुधार और यात्रियों के साथ व्यवहारिक कौशल को बढ़ाने के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जाने की योजना है।

सरकार का मानना है कि इस पहल से चालक समुदाय के आत्मसम्मान में वृद्धि होगी और परिवहन सेवाओं में पेशेवरिता तथा जवाबदेही को भी बढ़ावा मिलेगा।

यह कदम ‘सेवा ही सम्मान’ की भावना को मजबूत करते हुए टैक्सी सेवाओं के क्षेत्र में एक नई पहचान स्थापित करेगा।




