https://todayindianewsmp.live/wp-content/uploads/2024/01/jjujuu.gifUncategorizedउत्तर प्रदेशटेक्नोलॉजीटॉप न्यूज़दिल्ली NCRदेशनईदिल्लीनिवाड़ीभोपालमध्य प्रदेशराजनीतिसड़कसड़क परिवहनसेवा तीर्थ PMOसोशल मीडिया प्लेटफार्म
गाड़ियों की हाई बीम लाइट पर लगेगी लगाम! सरकार लाई नया प्रस्ताव, तेज चमक से मिलेगी राहत
60 की रफ्तार से कम स्पीड पर हाई बीम जलाने पर बजेगा ऑडियो अलार्म, टू-व्हीलर और कारों के लिए नए नियम तय; नागरिकों और विशेषज्ञों ने सराहा मंत्रालय का कदम।

TODAY INDIA NEWS MP | विशेष रिपोर्ट (विस्तारित संस्करण)
नईदिल्ली/भोपाल :–
बढ़ती समस्या पर कड़ा एक्शन: कारों, टू-व्हीलर्स, बसों और ट्रकों की हेडलाइट की तीखी और तेज रोशनी (हाई बीम) के कारण रात के समय होने वाली सड़क दुर्घटनाओं और आंखों की समस्या को रोकने के लिए केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने गंभीर कदम उठाया है।
- ऑडियो अलार्म सिस्टम: नए प्रस्ताव के तहत यदि कोई ड्राइवर 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से कम गति में गाड़ी चलाते हुए हाई बीम का इस्तेमाल करता है, तो गाड़ी में एक ऑडियो अलार्म बजेगा जो ड्राइवर को तुरंत लो बीम पर स्विच करने के लिए आगाह करेगा।
- टू-व्हीलर्स के लिए बदलाव: अब दोपहिया वाहन (टू-व्हीलर) स्टार्ट होते ही स्वतः जलने वाली हेडलाइट डिफ़ॉल्ट रूप से लो बीम पर रहेंगी। जरूरत पड़ने पर ही ड्राइवर इन्हें हाई बीम पर सेट कर सकेंगे।
- रोशनी की तीव्रता में कमी: हेडलाइट्स की सफेद और चुभने वाली तीखी रोशनी में हल्का नीला रंग मिलाने और उसकी रेंज को इस तरह नियंत्रित करने पर काम किया जा रहा है जिससे सामने से आ रहे वाहन चालकों की आंखें चौंधिया न सकें।
- 30 दिनों का समय: मंत्रालय द्वारा तैयार किए गए इस नए सुरक्षा प्रस्ताव पर आम जनता और स्टेकहोल्डर्स से 30 दिनों के भीतर सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित की गई हैं।
नागरिकों और वाहन चालकों की प्रतिक्रिया: राहत की उम्मीद
सड़क परिवहन मंत्रालय के इस नए प्रस्ताव के सामने आने के बाद आम नागरिकों और रात में सफर करने वाले वाहन चालकों ने इस पर गहरी खुशी जताई है।
- आंखों की चुभन से मुक्ति: नियमित रूप से रात में सफर करने वाले ड्राइवरों का कहना है कि सामने से आने वाली गाड़ियों की तेज हाई बीम लाइट के कारण अक्सर कुछ सेकंड के लिए दिखना बंद हो जाता है, जिससे कई बार बड़े हादसे टलते-टलते बचते हैं। सरकार का यह कदम ड्राइवरों को बड़ी राहत देगा।
- शहरों के भीतर अनुशासन: नागरिकों का मानना है कि 60 किमी/घंटा से कम गति पर ऑडियो अलार्म बजने का नियम शहरी क्षेत्रों में ट्रैफिक अनुशासन को बेहतर बनाएगा, जहां हाई बीम की कोई आवश्यकता नहीं होती है।
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों की राय: तकनीकी सुधार के साथ जागरूकता जरूरी
ऑटोमोबाइल और सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों ने इस पहल का स्वागत करते हुए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं:
- दुर्घटनाओं में कमी: विशेषज्ञों के अनुसार, रात के समय होने वाली कुल सड़क दुर्घटनाओं में एक बड़ा कारण गलत तरीके से हाई बीम का इस्तेमाल करना है। ऑटोमैटिक लो-बीम और अलार्म सिस्टम इस प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने में बेहद मददगार साबित होंगे।
सख्त अनुपालन: जानकारों का यह भी कहना है कि केवल नियम बनाना ही काफी नहीं है, बल्कि ऑटोमोबाइल निर्माताओं (OEMs) को इन फीचर्स को सख्ती से गाड़ियों में लागू करना होगा और वाहन चालकों को इसके प्रति जागरूक करना होगा.




