एमपी कांग्रेस में बड़ा फेरबदल: प्रभारी हरीश चौधरी को जिम्मेदारी से किया गया मुक्त
पार्टी आलाकमान ने संगठन में कसा शिकंजा, नए चेहरों को मिल सकती है कमान

भोपाल | टुडे इंडिया न्यूज़ एमपी
मध्य प्रदेश कांग्रेस में संगठन स्तर पर एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी हरीश चौधरी को उनके पद से हटा दिया है। हरीश चौधरी, जिन्हें राहुल गांधी का करीबी माना जाता था, पिछले काफी समय से मध्य प्रदेश में गुटबाजी को थामने और संगठन को मजबूती देने की कोशिशों में जुटे थे।
संगठन में नए बदलाव की तैयारी
सूत्रों के अनुसार, मध्य प्रदेश में लगातार मिल रही चुनावी असफलताओं और पार्टी के भीतर जारी गुटबाजी को देखते हुए आलाकमान ने यह बड़ा फैसला लिया है। हरीश चौधरी के कार्यकाल के दौरान दिग्विजय सिंह समर्थकों और अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ समन्वय को लेकर कई सवाल उठाए गए थे, जिसके बाद पार्टी ने अब उन्हें हटाने का निर्णय लिया है।
क्या रही प्रमुख वजह?
हरीश चौधरी के हटने के पीछे मुख्य रूप से निम्नलिखित कारणों को जिम्मेदार माना जा रहा है:
- अंतर्कलह: प्रदेश के कद्दावर नेताओं के साथ तालमेल की कमी और पार्टी में बढ़ती गुटबाजी।
- चुनावी प्रदर्शन: हाल के समय में पार्टी को मिली हार के बाद संगठन में नई ऊर्जा फूँकने की आवश्यकता।
- सोशल मीडिया पर तकरार: वरिष्ठ नेताओं के साथ उनके मतभेद के वीडियो और खबरें सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी थीं, जिससे पार्टी की छवि पर असर पड़ा।
अगली रणनीति पर सबकी नजर
हरीश चौधरी को हटाने के साथ ही अब प्रदेश कांग्रेस में नए प्रभारियों की नियुक्ति को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। कांग्रेस आलाकमान जल्द ही किसी नए चेहरे को प्रदेश की कमान सौंप सकती है, जो पार्टी के सीनियर और युवा नेताओं के बीच समन्वय बैठा सके।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पार्टी का यह फैसला मध्य प्रदेश में राहुल गांधी की नई रणनीति का हिस्सा है। अब देखना यह होगा कि क्या नया प्रभारी बीजेपी के मजबूत संगठन के सामने कांग्रेस को फिर से खड़ा कर पाएगा या नहीं।




