समान नागरिक संहिता (UCC) पर जनभागीदारी जरूरी: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कलेक्टर्स को दिए निर्देश
बेहतर नीति निर्माण के लिए 22 जून तक वेबसाइट पर राय देने की अपील; जिला स्तर पर चलेगा व्यापक जन-जागरूकता अभियान

भोपाल। मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code – UCC) लागू करने की दिशा में सरकार ने कदम तेज कर दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज भोपाल स्थित निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों को यूसीसी के संबंध में नीति निर्माण हेतु जनभागीदारी सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए।
ग्राम स्तर तक पहुंचेगी चर्चा
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यूसीसी पर बनने वाली नीति केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि इसमें आमजन की सक्रिय भागीदारी हो। उन्होंने निर्देश दिए कि इस विषय पर व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए। यह अभियान केवल शहरी क्षेत्रों तक ही सीमित नहीं होगा, बल्कि ग्राम स्तर तक इसका विस्तार किया जाएगा।
इन माध्यमों से बढ़ेगी जागरूकता:
- स्थानीय प्रशासन की भूमिका: ग्राम स्तर पर रोजगार सहायक, पंचायत सचिव और अन्य स्थानीय अमले को इस विषय पर चर्चा को प्रोत्साहित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
- विशेष ग्राम सभा: यूसीसी पर चर्चा के लिए विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों की राय भी स्पष्ट रूप से सामने आ सके।
- सामाजिक भागीदारी: स्व-सहायता समूहों, महिला मंडलों और प्रमुख सामाजिक संगठनों को इस जागरूकता अभियान का हिस्सा बनाया जाएगा, ताकि समाज के हर वर्ग तक सही जानकारी पहुंचे।
22 जून तक दे सकते हैं सुझाव
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के नागरिकों से अपील की है कि वे इस महत्वपूर्ण विषय पर अपनी राय जरूर दें। सरकार ने सुझाव देने के लिए विशेष पोर्टल ucc.mp.gov.in लॉन्च किया है। नागरिक 22 जून तक इस वेबसाइट पर जाकर अपने बहुमूल्य सुझाव और विचार साझा कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि “एक राष्ट्र, एक विधान, एक निशान और अब एक विधि” की दिशा में मध्य प्रदेश अग्रणी भूमिका निभाएगा। विवाह, तलाक, भरण-पोषण और उत्तराधिकार जैसे पारिवारिक विषयों पर एक सुदृढ़ विधिक संरचना विकसित करने के लिए विशेषज्ञों की समिति पहले ही गठित की जा चुकी है, जो जन-सुझावों के आधार पर अपना ड्राफ्ट तैयार करेगी।




