क्या पीएम मोदी को झालमुरी खिलाने वाला दुकानदार ‘सुरक्षाकर्मी’ था? पीआईबी फैक्ट चेक में सामने आया वायरल दावे का सच
सोशल मीडिया पर बंगाल दौरे की तस्वीर के साथ किया जा रहा फर्जी दावा, असली दुकानदार ने खुद बताई अपनी पहचान

नई दिल्ली/झारग्राम: सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पश्चिम बंगाल दौरे से जुड़ी एक तस्वीर और वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि प्रधानमंत्री झारग्राम में जिस स्थानीय विक्रेता की दुकान पर ‘झालमुरी’ (मुरमुरे का नाश्ता) खाने रुके थे, वह वास्तव में कोई दुकानदार नहीं बल्कि भेष बदलकर तैनात किया गया एक सुरक्षाकर्मी (SPG कमांडो) है।
PIB Fact Check की जांच में क्या निकला?
पीआईबी (Press Information Bureau) फैक्ट चेक यूनिट ने इस दावे की गहन जांच की और इसे पूरी तरह फर्जी करार दिया है। पीआईबी ने स्पष्ट किया है कि:
- दावा: वायरल तस्वीर में दिख रहा व्यक्ति दुकानदार नहीं, बल्कि सुरक्षा बल का जवान है।
- सच्चाई: झालमुरी खिलाने वाला युवक एक असली स्थानीय दुकानदार है, जिसका नाम दीपक कुमार है।
- तथ्य: वायरल पोस्ट में इस्तेमाल की गई सुरक्षाकर्मी की फोटो और दुकानदार की फोटो अलग-अलग व्यक्तियों की है, जिन्हें केवल भ्रम फैलाने के लिए एक साथ जोड़ा गया है।
दुकानदार का बयान
मीडिया से बातचीत में दुकानदार दीपक कुमार ने बताया कि प्रधानमंत्री का उनकी दुकान पर रुकना पूरी तरह से अचानक (Unscheduled) था। उन्होंने पीएम को झालमुरी खिलाई और प्रधानमंत्री ने उनसे उनके काम और शिक्षा के बारे में भी पूछा। दीपक ने उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है जिनमें उन्हें सुरक्षाकर्मी बताया जा रहा है।
निष्कर्ष: सोशल मीडिया पर किया जा रहा दावा कि ‘दुकानदार एक सुरक्षाकर्मी है’, भ्रामक और गलत है। जनता से अपील है कि ऐसी किसी भी असत्यापित जानकारी को साझा न करें।
फैक्ट चेक अलर्ट:
- स्रोत: PIB Fact Check
- स्थिति: फर्जी (Fake)
- स्थान: झारग्राम, पश्चिम बंगाल




