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​नोएडा हिंसा में कांग्रेस सोशल मीडिया समन्वयक मीर इलियास पर FIR, 50 ‘टूलकिट’ पुलिस रडार पर

​श्रमिकों की समस्याओं पर भ्रामक सूचना फैलाने का आरोप; जांच के घेरे में कई डिजिटल दस्तावेज

​नोएडा/भोपाल।

उत्तर प्रदेश के नोएडा में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए कांग्रेस के सोशल मीडिया समन्वयक मीर इलियास के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है। मामला क्षेत्र के श्रमिकों की मांगों और उनके विरोध प्रदर्शनों से जुड़ी सूचनाओं को सोशल मीडिया पर प्रसारित करने से संबंधित है। पुलिस का दावा है कि इस मामले में करीब 50 ‘टूलकिट’ (डिजिटल निर्देशिका) जांच के दायरे में हैं, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर माहौल बिगाड़ने के लिए किया जा रहा था।

​क्या है पूरा मामला?

​मिली जानकारी के अनुसार, नोएडा के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिकों की मांगों को लेकर चल रहे आंदोलनों के बीच मीर इलियास पर आरोप है कि उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से ऐसी सूचनाएं साझा कीं जिनसे कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती थी। पुलिस ने इस मामले में सक्रियता दिखाते हुए न केवल एफआईआर दर्ज की है, बल्कि उन डिजिटल माध्यमों की भी पहचान की है जिनके जरिए ये संदेश प्रसारित किए जा रहे थे।

​50 टूलकिट की जांच तेज

​पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान लगभग 50 ऐसे टूलकिट और डिजिटल दस्तावेज मिले हैं, जिनमें आंदोलन को दिशा देने और सरकार व प्रशासन के खिलाफ नैरेटिव सेट करने के निर्देश दिए गए थे। इन टूलकिट के जरिए कार्यकर्ताओं को बताया जाता था कि कब, कैसे और किस हैशटैग के साथ पोस्ट करना है। पुलिस अब इन टूलकिट के स्रोतों और इनके पीछे के मास्टरमाइंड की तलाश कर रही है।

​श्रमिकों की मांगों पर मांगी गई जानकारी

​प्रशासन ने इस विवाद के बीच श्रमिकों से भी अपील की है। पुलिस और श्रम विभाग ने कहा है कि यदि श्रमिकों को अपनी मांगों या कार्यस्थल पर किसी भी प्रकार की परेशानी है, तो वे सीधे आधिकारिक चैनलों के माध्यम से सूचना दें। किसी भी बाहरी सोशल मीडिया अभियान के बहकावे में आने के बजाय अपनी समस्याओं को कानूनी रूप से संबंधित अधिकारियों के समक्ष रखने को कहा गया है।

​राजनीतिक बयानबाजी शुरू

​इस कार्रवाई के बाद प्रदेश में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। कांग्रेस ने इसे अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला और विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश करार दिया है, वहीं सत्ता पक्ष का कहना है कि किसी को भी ‘टूलकिट’ के जरिए शहर की शांति भंग करने की इजाजत नहीं दी जाएगी।

​— ब्यूरो रिपोर्ट, टुडे इंडिया न्यूज एमपी

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