सुपोषित निवाड़ी’ की ओर मजबूत कदम: पोषण किट वितरण व परामर्श सत्र आयोजित
जिले में कोई भी बच्चा कुपोषित न रहे, सामूहिक प्रयास से मिटाएं कुपोषण- कलेक्टर निवाड़ी

निवाड़ी। जिला प्रशासन के तत्वाधान में ‘पोषण अभियान’ (समग्र पोषण के लिए प्रधानमंत्री की व्यापक योजना) के अंतर्गत होटल बेतवा रिट्रीट, ओरछा में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं अभिभावकों के लिए पोषण परामर्श सत्र तथा कुपोषित (SAM – Severely Acute Malnourished) बच्चों हेतु पोषण किट वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य 0 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं स्तनपान कराने वाली माताओं के पोषण स्तर में सुधार लाना और कुपोषण की चुनौती का स्थानीय स्तर पर समाधान करना है।
कार्यक्रम में कलेक्टर श्रीमती जमुना भिड़े, सीईओ जिला पंचायत रोहन सक्सेना एवं अन्य विभागीय अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कलेक्टर का संदेश: सामूहिक प्रयास से ही संभव होगा कुपोषण मुक्त जिला

पोषण किट वितरण एवं परामर्श सत्र के दौरान कलेक्टर श्रीमती भिड़े ने कहा कि कुपोषण को समाप्त करने के लिए शासन, प्रशासन, गैर-सरकारी संगठनों और समाज के सभी वर्गों को मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से कुपोषित बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं को आवश्यक पोषक तत्व उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे उनका स्वास्थ्य बेहतर होगा।
उन्होंने सभी से आह्वान किया कि “जिले में कोई भी बच्चा कुपोषित न रहे, इसके लिए हम सभी संकल्पित हों और सामूहिक प्रयास करें।” उन्होंने नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित आहार एवं स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेने पर भी जोर दिया।

आयुष सुवर्णप्राशन व स्वास्थ्य परीक्षण
कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर ने सीईओ एवं अधिकारियों के साथ बच्चों को आयुष सुवर्णप्राशन की दवा पिलाई तथा बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं को पोषण किट प्रदान की।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा महिलाओं एवं बच्चों की स्क्रीनिंग की गई, जिसमें वजन, लंबाई, हीमोग्लोबिन जांच, कुपोषित बच्चों की पहचान, मधुमेह, एनीमिया, रक्तचाप सहित अन्य आवश्यक परीक्षण किए गए।
स्वास्थ्य परीक्षण के उपरांत एल्बेंडाजोल, कैल्शियम, जिंक, मल्टीविटामिन, एमोक्सिसिलिन एवं अन्य आवश्यक दवाएं भी प्रदान की गईं।
इस अवसर पर सीएमएचओ डॉ. अनिल झमनानी, डीपीओ महिला एवं बाल विकास श्रीमती ज्योति पांडे, बीएमओ डॉ. आरसी मलारया, परियोजना अधिकारी अरुण कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम ने ‘सुपोषित निवाड़ी’ के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में जनजागरूकता और स्वास्थ्य संवर्धन का संदेश दिया।




