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कोच्चि बंदरगाह पर ईरानी युद्धपोत को भारत की अनुमति, 183 सदस्यीय दल को मिली नौसैनिक सुविधाएं

अमेरिकी हमले के बाद तेहरान की अपील पर भारत का मानवीय कदम

नई दिल्ली/कोच्चि: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत ने ईरान की अपील पर उसके एक युद्धपोत को दक्षिणी बंदरगाह कोच्चि में लंगर डालने की अनुमति दे दी है। सरकारी अधिकारियों के अनुसार जहाज के 183 सदस्यीय चालक दल को भारतीय नौसेना की सुविधाओं में ठहराया गया है।

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब श्रीलंका के तट के पास अमेरिकी पनडुब्बी द्वारा एक ईरानी फ्रिगेट को टॉरपीडो से निशाना बनाकर डुबोए जाने की खबर सामने आई थी। बताया जा रहा है कि यह घटना दो दिन पहले हुई थी, जिसके बाद तेहरान ने अपने एक अन्य युद्धपोत के लिए सुरक्षित ठहराव की अनुमति मांगी थी।
चालक दल को दी गई मानवीय सहायता

सूत्रों के मुताबिक भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री परंपराओं और मानवीय आधार पर ईरानी पोत को कोच्चि पोर्ट में प्रवेश की अनुमति दी। जहाज के 183 चालक दल के सदस्यों को भोजन, चिकित्सा और विश्राम सहित आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

भारतीय नौसेना स्थिति पर नजर बनाए हुए है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि चालक दल को आवश्यक सहायता मिलती रहे।

पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव तथा क्षेत्रीय संघर्ष की आशंकाओं के बीच यह घटनाक्रम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत का यह कदम मानवीय सहायता और समुद्री सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है, साथ ही भारत क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने की कोशिश कर रहा है।

कूटनीतिक संतुलन पर नजर
भारत के ईरान, अमेरिका और पश्चिम एशिया के अन्य देशों से रणनीतिक संबंध हैं। ऐसे में इस तरह के संवेदनशील मामलों में भारत सावधानी से कदम उठाता है ताकि मानवीय जिम्मेदारी निभाने के साथ कूटनीतिक संतुलन भी बना रहे

Chief Editor Ajay Kumar Gupta Babuji

सच के साथ वन्देमातरम

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