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​प्रतापपुरा में अवैध परिवहन पर ‘डिजिटल’ लगाम: ई-चेक गेट से होगी 24 घंटे निगरानी

​माफियाओं के मंसूबों पर फिरा पानी; नंबर प्लेट से लेकर रॉयल्टी तक, अब AI की नज़र से बचना नामुमकिन

निवाड़ी/प्रतापपुरा: मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले में खनिज माफियाओं के खिलाफ प्रशासन ने अब तकनीक का सबसे बड़ा मोर्चा खोल दिया है। प्रतापपुरा क्षेत्र में अत्याधुनिक AI-आधारित ई-चेक गेट (e-Check Gate) को सक्रिय कर दिया गया है। यह सिस्टम अब 24 घंटे बिना थके और बिना रुके हर गुजरने वाले वाहन पर पैनी नज़र रखेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की प्रदेशव्यापी 41 ई-चेक गेट योजना के तहत निवाड़ी का यह गेट अवैध उत्खनन और परिवहन को जड़ से खत्म करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

हाईटेक सिस्टम की 4 बड़ी ताकतें

​इस डिजिटल नाके को इस तरह डिजाइन किया गया है कि मानवीय हस्तक्षेप (Human Intervention) पूरी तरह खत्म हो जाए:

  1. ANPR कैमरा (Automatic Number Plate Recognition): गेट से गुजरते ही कैमरा वाहन की नंबर प्लेट को ऑटोमैटिक रीड कर लेगा। यदि वाहन ब्लैकलिस्टेड है, तो तुरंत अलर्ट जनरेट होगा।
  2. RFID और सेंसर तकनीक: वाहन के पास वैध रॉयल्टी और ई-टीपी (Electronic Transit Pass) है या नहीं, इसकी जांच सेकंडों में हो जाएगी।
  3. ओवरलोडिंग पर लगाम: सेंसर के जरिए यह भी पता चल जाएगा कि ट्रक क्षमता से अधिक खनिज तो नहीं ले जा रहा।
  4. सीधा भोपाल से कंट्रोल: गड़बड़ी पाए जाने पर स्थानीय कर्मचारियों के बजाय सीधे भोपाल कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से ई-चालान और जुर्माने का नोटिस वाहन मालिक के मोबाइल पर भेजा जाएगा।

भ्रष्टाचार मुक्त पारदर्शी व्यवस्था

​खनिज विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस सिस्टम के लागू होने से भ्रष्टाचार की गुंजाइश शून्य हो गई है। अब कोई भी वाहन “सेटिंग” या रसूख के दम पर बिना रॉयल्टी चुकाए सीमा पार नहीं कर पाएगा। सारा डेटा रियल-टाइम में मुख्यालय को भेजा जा रहा है, जिससे राजस्व की चोरी रुकेगी और सड़कों पर सुरक्षा बढ़ेगी।

माफियाओं में हड़कंप

​प्रतापपुरा में इस डिजिटल किलेबंदी से खनिज माफियाओं में हड़कंप मच गया है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यदि कोई वाहन बिना वैध परमिट या ओवरलोडिंग के साथ पाया गया, तो उस पर भारी जुर्माने के साथ-साथ वाहन राजसात करने तक की कार्रवाई की जा सकती है।

खास बात: यह तकनीक न केवल परिवहन पर रोक लगाती है, बल्कि 3D इमेजिंग और वॉल्यूमेट्रिक एनालिसिस के जरिए खदानों से निकाले गए खनिज की सटीक मात्रा का भी आकलन करती है।

 

ब्यूरो रिपोर्ट: टुडे इंडिया न्यूज़ एमपी (Today India News MP)

लोकेशन: निवाड़ी (मध्य प्रदेश)

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