बाबा बर्फानी के जयकारों के साथ शुरू हुई पवित्र अमरनाथ यात्रा; पीएम मोदी ने पत्र लिखकर श्रद्धालुओं से की ‘5 संकल्पों’ की अपील
बालटाल और पहलगाम बेस कैंप से बारिश के बीच रवाना हुए शिवभक्त; प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यात्रा को बताया देश की सांस्कृतिक एकता का शाश्वत अध्याय।

श्रीनगर/नई दिल्ली:
‘जय बाबा बर्फानी’ और ‘हर-हर महादेव’ के गगनभेदी जयकारों के साथ पवित्र अमरनाथ गुफा की वार्षिक यात्रा का आधिकारिक रूप से शुभारंभ हो गया है। जम्मू-कश्मीर के दोनों मुख्य रास्तों—बालटाल और पारंपरिक पहलगाम बेस कैंप—से श्रद्धालुओं के पहले जत्थे पवित्र गुफा में विराजमान हिमलिंग के दर्शन के लिए रवाना हो चुके हैं। सुबह से हो रही हल्की बारिश और पहाड़ी रास्तों पर बढ़ती ठंड के बावजूद शिवभक्तों के उत्साह और अटूट आस्था में कोई कमी नजर नहीं आ रही है।
पीएम मोदी ने पत्र लिखकर दी शुभकामनाएं
इस पावन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश और दुनिया भर से आ रहे सभी अमरनाथ यात्रियों के नाम एक विशेष पत्र जारी किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर अपनी भावनाएं साझा करते हुए प्रधानमंत्री ने लिखा:
”बाबा बर्फानी के दर्शन से जुड़ी श्री अमरनाथ यात्रा हमारी आध्यात्मिक परंपरा और सांस्कृतिक एकता का शाश्वत अध्याय है। मेरी कामना है कि शिवभक्तों की यह यात्रा हर तरह से सुरक्षित और मंगलमय हो! इस पावन अवसर पर श्रद्धालुओं के लिए पांच संकल्पों से जुड़ा मेरा यह पत्र…”
प्रधानमंत्री के पत्र के मुख्य बिंदु और ‘5 संकल्प’
पीएम मोदी ने अपने दो पन्नों के पत्र में यात्रा को भारत की विविधता और एकता का प्रतीक बताया, जहां देश के कोने-कोने से अलग-अलग भाषाएं और परंपराएं मानने वाले लोग एक ही संकल्प के साथ जुटते हैं। इसके साथ ही उन्होंने यात्रियों से यात्रा के दौरान ‘पांच संकल्प’ अपनाने का विशेष आग्रह किया है:
- सुरक्षा निर्देशों का पालन: यात्रा के दौरान मौसम के मिजाज को देखते हुए प्रशासन के सभी नियमों और सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पूरी तरह पालन करें। बारिश की वजह से होने वाली फिसलन और ठंड को लेकर सावधानी बरतें।
- वोकल फॉर लोकल को बढ़ावा: प्रधानमंत्री ने अपील की है कि सभी यात्री अपनी यात्रा के दौरान कम से कम 10 प्रतिशत स्थानीय उत्पादों (लोकल प्रोडक्ट्स) की खरीदारी जरूर करें। इससे जम्मू-कश्मीर के स्थानीय परिवारों की आजीविका और अर्थव्यवस्था को बड़ी मजबूती मिलेगी।
- स्वच्छता और पर्यावरण: पवित्र पर्वतीय मार्ग की प्राकृतिक सुंदरता और पवित्रता को बनाए रखने के लिए स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें।
सुरक्षा और प्रशासन की कड़ी मुस्तैदी
श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड (SASB) और जम्मू-कश्मीर सरकार ने इस 57 दिवसीय यात्रा के लिए बेहद कड़े और व्यापक इंतजाम किए हैं। दुर्गम पहाड़ी रास्तों, संवेदनशील मोड़ों और बेस कैंपों पर सुरक्षाबलों के हजारों जवान मुस्तैद हैं। इसके साथ ही जगह-जगह पर स्वास्थ्य शिविर, ऑक्सीजन की सुविधा और लंगर व्यवस्था की गई है ताकि बारिश या किसी भी आपातकालीन स्थिति में श्रद्धालुओं को तुरंत सहायता मिल सके। यह पावन यात्रा 28 अगस्त तक चलेगी।
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