डिजिटल गवर्नेंस में मध्य प्रदेश का डंका: उज्जैन महाकाल मंदिर के AI-आधारित ‘त्रिनेत्र’ प्रोजेक्ट को मिला राष्ट्रीय स्वर्ण पुरस्कार 2026
जयपुर में आयोजित 29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन में उज्जैन को मिला देश का सबसे बड़ा डिजिटल सम्मान, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जताई खुशी।

मुख्य समाचार: जयपुर/उज्जैन/भोपाल: डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में मध्य प्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर एक और ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित किया है। धार्मिक नगरी उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर और रुद्रसागर क्षेत्र की सुरक्षा के लिए लागू अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित “त्रिनेत्र (TRINETRA)” वीडियो सर्विलांस सिस्टम को केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय सम्मान से नवाजा गया है।
उज्जैन की इस राष्ट्रीय उपलब्धि के अंतर्गत ‘त्रिनेत्र’ को राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार 2026 के तहत स्वर्ण (गोल्ड) पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
### जयपुर में आयोजित सम्मेलन में मिला सम्मान
यह गौरवशाली सम्मान राजस्थान के जयपुर में आयोजित 29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन 2026 के दौरान दिया गया। इस ऐतिहासिक सफलता पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे पूरे प्रदेश के लिए एक बड़ी उपलब्धि और गर्व का क्षण बताया है।
क्यों खास है महाकाल मंदिर का ‘त्रिनेत्र’ सिस्टम?
- एआई-आधारित अत्याधुनिक निगरानी: स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत मंदिर परिसर में 500 से अधिक एआई-सक्षम (AI-enabled) कैमरे लगाए गए हैं, जो चौबीसों घंटे सुरक्षा की निगरानी करते हैं।
- भीड़ और सुरक्षा प्रबंधन: इस सिस्टम की मदद से महाकाल मंदिर में सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, फेस रिकॉग्निशन (चेहरे की पहचान), लापता लोगों की खोज और संदिग्ध गतिविधियों की रोकथाम में ऐतिहासिक सफलता मिली है।
- श्रद्धालुओं की सुरक्षा: देश-विदेश से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और बेहतर सुविधा सुनिश्चित करने में ‘त्रिनेत्र’ तकनीक का यह ‘तीसरा नेत्र’ बेहद मददगार साबित हो रहा है।
इस पुरस्कार के मिलने से उज्जैन ने न केवल एक पावन धार्मिक नगरी बल्कि देश की अग्रणी “स्मार्ट और सुरक्षित धार्मिक नगरी” के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। आगामी सिंहस्थ महापर्व 2028 की सुरक्षा और प्रबंधन तैयारियों के लिहाज से भी इस आधुनिक तकनीक को एक मजबूत आधार माना जा रहा है।




