दतिया उपचुनाव: नरोत्तम मिश्रा का पत्ता साफ, आशुतोष तिवारी को टिकट! जानें क्यों पावरफुल पूर्व गृहमंत्री से नाराज थे पीएम मोदी और RSS
खुफिया और RSS सर्वे में खुली पोल: 90% गैर-राजनीतिक प्रबुद्धजनों ने दिया था नेगेटिव फीडबैक, 'मिश्रा मुक्त' दतिया की उठी थी मांग। बॉलीवुड पर बयानबाजी पड़ी भारी: पीएम मोदी की पुरानी नाराजगी और बिना दिल्ली की अनुमति प्रचार शुरू करने का मिला खामियाजा। मोदी-मोहन की साख दांव पर: ढाई साल की सरकार की परीक्षा बना दतिया उपचुनाव, बीजेपी ने 'निष्पक्ष छवि' के संगठन मैन पर खेला दांव।

टुडे इंडिया न्यूज़ एमपी (Today India News MP)
भोपाल: मध्य प्रदेश की सियासत से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर आ रही है। भारतीय जनता पार्टी ने सबको चौंकाते हुए कद्दावर नेता और पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट काट दिया है. भाजपा ने उनकी जगह संगठन के निष्ठावान कार्यकर्ता श्री आशुतोष तिवारी को अपना अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया है.
राजनीतिक गलियारों में इस बात को लेकर गहरी उत्सुकता है कि आखिर डॉ. नरोत्तम मिश्रा जैसे बेहद पावरफुल और कद्दावर नेता का टिकट अंतिम समय में कैसे कट गया। आइए विस्तार से समझते हैं इसके पीछे के मुख्य कारण:
📊 टिकट कटने के 4 बड़े कारण: एक नजर में
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कारण |
मुख्य बिंदु |
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मोदी-मोहन की साख |
यह चुनाव सिर्फ एक सीट का नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश सरकार के ढाई साल के कामकाज का रिपोर्ट कार्ड है। सीट हारने का मतलब मोदी-मोहन की जोड़ी की हार माना जाता. |
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RSS का सीक्रेट सर्वे |
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सर्वे में नरोत्तम मिश्रा की स्थिति बेहद गंभीर बताई गई थी। रिपोर्ट के अनुसार, उन्हें टिकट मिलने पर बीजेपी का कोर वोटर भी वोटिंग से दूरी बना लेता. |
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प्रबुद्धजनों का फीडबैक |
दतिया के करीब 300 गैर-राजनीतिक बुद्धिजीवियों में से 90% से अधिक लोगों ने मिश्रा के खिलाफ राय दी। उनका मानना था कि जीत के लिए बेदाग और निष्पक्ष छवि का प्रत्याशी जरूरी है. |
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शीर्ष नेतृत्व की नाराजगी |
पीएम नरेंद्र मोदी पूर्व में नरोत्तम मिश्रा के बॉलीवुड फिल्मों पर दिए जाने वाले विवादित बयानों से असहमत थे। साथ ही, दिल्ली से बिना हरी झंडी लिए प्रचार शुरू करना भी भारी पड़ा. |
🎥 फिल्मों पर बयानबाजी और पीएम मोदी की नसीहत
नरोत्तम मिश्रा जब मध्य प्रदेश के गृहमंत्री थे, तब वे बॉलीवुड और फिल्मों को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहते थे। उनकी इसी आदत से केंद्रीय नेतृत्व खुश नहीं था।
पीएम मोदी ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी में कहा था:
“एक नेता हैं जो फिल्मों पर बयान देते रहते हैं, उनके बयान टीवी पर चलते रहते हैं। उन्हें लगता है वे नेता बन रहे हैं, पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी उन्हें फोन किया, लेकिन वे मानते नहीं हैं।”
🚫 बिना दिल्ली की अनुमति के शुरू कर दिया था प्रचार
सूत्रों के मुताबिक, डॉ. नरोत्तम मिश्रा 2023 की हार के बाद भी दतिया पर अपना एकछत्र अधिकार समझ रहे थे। उन्होंने उपचुनाव के लिए दिल्ली जाकर शीर्ष नेतृत्व या प्रधानमंत्री से औपचारिक अनुमति तक नहीं ली और सीधे मैदान में उतर गए। इस अति-आत्मविश्वास को संगठन ने गंभीरता से लिया और दतिया बीजेपी को ‘नरोत्तम मिश्रा के प्रभाव’ से मुक्त कराने के लिए युवा व साफ-सुथरी छवि के आशुतोष तिवारी को मैदान में उतार दिया।




