NEET पेपर लीक मामले पर प्रधानमंत्री मोदी का बड़ा बयान, कहा— “युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ घोर पाप, दोषियों को मिलेगी कड़ी से कड़ी सजा”
NDA संसदीय दल की बैठक में पीएम मोदी ने तोड़ी चुप्पी; कहा— परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए केंद्र और राज्य मिलकर करें काम, आरोपियों के खिलाफ देश के शीर्ष वकीलों की ली जाएगी मदद

टुडे इंडिया न्यूज़ एमपी (Today India News MP)
नई दिल्ली / भोपाल:
राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) में धांधली और पेपर लीक के मुद्दे पर देश भर में जारी आक्रोश के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार सार्वजनिक रूप से अपना कड़ा रुख व्यक्त किया है। NDA संसदीय दल की बैठक को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने पेपर लीक जैसी घटनाओं को “घोर पाप” करार दिया और स्पष्ट किया कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
संसदीय दल की बैठक में पीएम मोदी की मुख्य बातें
- दोषियों के लिए कड़ी मिसाल: प्रधानमंत्री ने कहा कि पेपर लीक रैकेट में शामिल मुख्य साजिशकर्ताओं और बिचौलियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सरकार अदालत में देश के शीर्ष वकीलों की सेवाएं लेगी ताकि दोषियों को ऐसी सजा दिलाई जा सके जो आगे के लिए मिसाल बने।
- तत्वरित कार्रवाई और गिरफ्तारी: पीएम मोदी ने सांसदों को अवगत कराया कि मामले के सामने आते ही सरकार ने तुरंत एक्शन लिया। मामले में अब तक 13 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है और सीबीआई तथा जांच एजेंसियां गहराई से पड़ताल कर रही हैं।
- छात्रों का हित प्राथमिकता: प्रधानमंत्री ने कहा कि परीक्षार्थियों का साल खराब न हो, इसके लिए री-एग्जाम की प्राथमिकता तय कर समय पर परीक्षा आयोजित की गई और उसके नतीजे भी घोषित किए गए।
- दलिया राजनीति से ऊपर उठने की अपील: पीएम मोदी ने कहा कि पेपर लीक का मुद्दा दलीय राजनीति से ऊपर का विषय है। उन्होंने सभी राज्य सरकारों से अपील की कि वे केंद्र के साथ मिलकर एक अभेद्य (Foolproof) परीक्षा प्रणाली तैयार करें।
“युवाओं के सपनों और उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ करना अक्षम्य अपराध है। हमारी सरकार देश की परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और पारदर्शिता की गारंटी देने के लिए प्रतिबद्ध है।”
— नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री
मध्य प्रदेश और देश भर के छात्रों पर प्रभाव
मध्य प्रदेश सहित देश भर के लाखों NEET अभ्यर्थी और उनके परिजन इस मामले पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे थे। प्रधानमंत्री के इस स्पष्ट और सख्त बयान से परीक्षार्थियों को यह संदेश गया है कि केंद्र सरकार इस मामले को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बैठक की जानकारी मीडिया से साझा करते हुए बताया कि सरकार भविष्य में किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में ऐसी सेंधमारी रोकने के लिए एक मजबूत डिजिटल और प्रशासनिक ढांचा लागू करने पर काम कर रही है।




