धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर ‘INDIA’ गठबंधन में रार: AAP, कांग्रेस और सपा के सुर पड़े अलग, विपक्ष की एकजुटता पर उठे सवाल
छात्र आंदोलन और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी दलों में क्रेडिट लेने की होड़; आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस पर लगाया बीजेपी से साठगांठ का आरोप, सपा ने अलग किया प्रदर्शन।

टुडे इंडिया न्यूज़ (एमपी) | विशेष रिपोर्ट
नई दिल्ली / भोपाल:
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग और पेपर लीक व छात्र आंदोलनों के मुद्दे पर विपक्षी ‘INDIA’ गठबंधन के भीतर तल्खी और अंदरूनी दरार खुलकर सामने आ गई है। शिक्षा मंत्री को हटाने के मुद्दे पर जहां एक तरफ विपक्षी दल एकजुटता का दावा कर रहे थे, वहीं अब कांग्रेस, आम आदमी पार्टी (AAP) और समाजवादी पार्टी (SP) के अलग-अलग रास्तों और एक-दूसरे पर बयानों के बाद गठबंधन के रणनीतिक तालमेल पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
1. आप (AAP) का कांग्रेस पर बड़ा हमला: “बीजेपी के साथ जुगलबंदी”
विपक्ष के भीतर कलह तब और बढ़ गई जब आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने कांग्रेस पर सीधा हमला बोला। AAP ने आरोप लगाया कि जब छात्र और युवा संगठन सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे थे, तब कांग्रेस अपनी अलग राजनीति चमकाने में लगी हुई थी।
“कांग्रेस और बीजेपी एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। जब छात्र अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे थे, तब कांग्रेस प्रदर्शन का नाटक करके मुख्य आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश कर रही थी।”
— आतिशी, नेता प्रतिपक्ष, दिल्ली विधानसभा
AAP नेताओं का दावा है कि कांग्रेस, छात्र आंदोलनों का श्रेय खुद लेने के लिए बीजेपी के साथ मिलकर रणनीतिक प्रदर्शन कर रही है, जिससे मुख्य मुद्दों से जनता का ध्यान भटक जाए।
2. समाजवादी पार्टी ने पकड़ा अपना अलग रास्ता
दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश में ‘INDIA’ गठबंधन की मुख्य साझेदार समाजवादी पार्टी (सपा) ने इस मुद्दे पर अपना रुख पूरी तरह अलग रखा है। सपा कार्यकर्ताओं ने वाराणसी और अयोध्या समेत कई जिलों में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन कर अपना स्वतंत्र विरोध जताया।
- सपा का रुख: अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने और तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया।
- गठबंधन से दूरी: सपा ने प्रदर्शनों के दौरान न तो कांग्रेस के साथ कोई साझा मंच साझा किया और न ही AAP के बयानों का खुलकर समर्थन किया।
3. कांग्रेस की सफाई: “हम शुरुआत से उठा रहे हैं मांग”
AAP और अन्य दलों के आरोपों पर पलटवार करते हुए कांग्रेस नेताओं ने कहा कि वे धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग सबसे पहले से उठाते आ रहे हैं। कांग्रेस सेवा दल और मुख्य संगठन के नेताओं का कहना है कि संसद से लेकर सड़क तक केवल कांग्रेस ही सरकार को सही मायनों में घेर रही है।
कांग्रेस प्रवक्ता का कहना है कि AAP के आरोप पूरी तरह निराधार हैं और वे केवल आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर इस प्रकार के बयान देकर ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं।
4. ‘INDIA’ गठबंधन की अंदरूनी दरार के 3 मुख्य कारण
5. सत्ता पक्ष का तंज: “ताश के पत्तों की तरह ढहा गठबंधन”
विपक्ष की इस खींचतान पर सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने कड़ा तंज कसा है। बीजेपी प्रवक्ताओं का कहना है कि ‘INDIA’ गठबंधन केवल सत्ता के स्वार्थ पर टिका एक ढकोसला था, जो जनता के मुद्दों पर कभी एक मत नहीं हो सकता।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि आगामी सत्रों और राज्यों के चुनावों से पहले INDIA गठबंधन के घटक दल धर्मेंद्र प्रधान और शिक्षा नीति जैसे राष्ट्रीय मुद्दों पर भी एक राय नहीं बना पाए, तो 2026 के आगामी चुनावों में विपक्ष की एकजुटता पूरी तरह बिखर सकती है।
- रिपोर्ट: ब्यूरो रिपोर्ट, टुडे इंडिया न्यूज़ (मध्य प्रदेश)




