पीएम मोदी ने की ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान’ की शुरुआत: “नशे के खिलाफ जन-आंदोलन में शामिल हों युवा”
📌 विकसित भारत के लक्ष्य के लिए युवाओं का शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहना अनिवार्य: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

📰 टुडे इंडिया न्यूज़ एमपी (Today India News MP)
नई दिल्ली / भोपाल:
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश की युवा शक्ति को नशे की लत से बचाने और उन्हें राष्ट्र निर्माण में भागीदार बनाने के उद्देश्य से ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान’ का शुभारंभ किया है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने देश के प्रत्येक नागरिक, विशेष रूप से युवा पीढ़ी से नशे के खिलाफ इस व्यापक आंदोलन में एकजुट होकर शामिल होने का पुरजोर आग्रह किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जब देश ने ‘विकसित भारत’ बनने का महान लक्ष्य निर्धारित किया है, तब यह अत्यंत आवश्यक है कि देश के युवा शारीरिक और मानसिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ, आत्मविश्वास से लबरेज और नशे जैसी विनाशकारी आदतों से हमेशा दूर रहें।
🎯 संबोधन के मुख्य बिंदु और पीएम मोदी के प्रमुख संदेश
”आज जब देश ने विकसित भारत का लक्ष्य निर्धारित किया है, तो यह अनिवार्य है कि देश के युवा शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहें, आत्मविश्वास से परिपूर्ण हों और नशे जैसी विनाशकारी आदतों से हमेशा के लिए दूर रहें। हमें हर युवा को नशे के जाल में फंसने से बचाना होगा।”
— प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी
- संयम और पुनर्वास की शक्ति: योग और ध्यान की शक्ति तथा समाज का सकारात्मक सहयोग हमारे भीतर नशे के खिलाफ लड़ने की ताकत पैदा करता है। आज देश में पुनर्वास केंद्रों (Rehabilitation Centers) जैसी बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हैं।
- उम्मीद के दरवाजे बंद नहीं: यदि कोई युवा अनजाने में नशे के जाल में फंस भी गया है, तो इसका अर्थ यह नहीं कि उसके लिए सारे रास्ते बंद हो गए हैं। सही चिकित्सा और देखभाल से उसे वापस लाया जा सकता है।
👨👩👧👦 परिवारों से भावुक अपील: ‘सामाजिक प्रतिष्ठा की आड़ में न छिपाएं बात’
प्रधानमंत्री ने परिवारों में खुले संवाद और संकोच खत्म करने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया:
- चिकित्सा सहायता लें: यदि घर का कोई बच्चा अनजाने में नशे का शिकार हो जाता है, तो इसे सामाजिक प्रतिष्ठा की आड़ में न छिपाएं। बिना किसी डर या झिझक के चिकित्सकीय मदद लें।
- संवाद की संस्कृति का विकास: परिवार में बच्चों के साथ खुलकर संवाद करने का माहौल बनाएं, ताकि युवा किसी भी गलत संगति या दुष्चक्र में फंसने से पहले अपने माता-पिता से अपनी बात साझा कर सकें।
🎓 प्रोफेसरों और परिसरों में आंदोलन की पुकार
देश भर के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के प्रोफेसरों व शिक्षकों से अपील करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा:
-
- जागरूकता सत्र आयोजित करें: प्रोफेसर नियमित पाठ्यक्रम की पढ़ाई के साथ-साथ छात्रों के साथ नशीली दवाओं और मादक पदार्थों के दुरुपयोग के खतरों पर खुलकर चर्चा करें।
- कैंपस में नेतृत्व करें: अपने-अपने शैक्षणिक परिसरों (Campuses) में नशे के खिलाफ एक प्रभावी आंदोलन का नेतृत्व करें। शिक्षकों के छोटे-छोटे प्रयास देश के युवाओं का भविष्य संवारने में ऐतिहासिक परिणाम ला सकते हैं।
टुडे इंडिया न्यूज़ एमपी विशेष: ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान’ केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश के हर नागरिक, परिवार और समाज को एक सूत्र में पिरोने वाला राष्ट्रव्यापी मिशन है




