बंगाल चुनाव: दूसरे चरण से पहले चुनाव आयोग का बड़ा प्रहार, हिंसा रोकने के लिए मैदान में उतरी NIA
बम धमाकों और साजिशों पर नकेल कसने के लिए ECI का ऐतिहासिक फैसला, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

कोलकाता/नई दिल्ली:
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान से ठीक पहले भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने राज्य में शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए एक अभूतपूर्व कदम उठाया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, चुनाव के दौरान हिंसा, विशेष रूप से बम धमाकों और विस्फोटक गतिविधियों को रोकने के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की विशेष टीमों को तैनात किया गया है।
बम धमाकों की साजिशों पर पैनी नजर
हाल के दिनों में राज्य के कुछ संवेदनशील इलाकों (जैसे भांगड़ और मालदा) में भारी मात्रा में कच्चे बम और विस्फोटक सामग्री बरामद होने की खबरों के बाद यह निर्णय लिया गया है। चुनाव आयोग का मानना है कि केवल केंद्रीय सुरक्षा बल (CAPF) ही नहीं, बल्कि जांच एजेंसियों की सक्रियता से अपराधियों और चुनावी बाधा डालने वाले तत्वों में खौफ पैदा होगा।
क्या है ECI का प्लान?
- इंटेलिजेंस शेयरिंग: NIA की टीमें स्थानीय पुलिस और केंद्रीय बलों के साथ समन्वय बनाकर काम करेंगी ताकि किसी भी संभावित आतंकी या हिंसक साजिश को समय रहते नाकाम किया जा सके।
- विस्फोटकों की जांच: राज्य में विस्फोटक पदार्थों के स्रोतों और उनकी सप्लाई चेन को तोड़ने के लिए NIA अपनी विशेषज्ञता का उपयोग करेगी।
- त्वरित कार्रवाई: सूत्रों के मुताबिक, बम धमाकों या गंभीर हिंसा से जुड़ी घटनाओं की जांच अब सीधे तौर पर NIA को सौंपी जा सकती है, ताकि चुनाव प्रक्रिया प्रभावित न हो।
कल होना है दूसरे चरण का मतदान
कल, 29 अप्रैल को पश्चिम बंगाल की 142 विधानसभा सीटों पर मतदान होना है। इसमें कोलकाता, हावड़ा, नादिया और उत्तर व दक्षिण 24 परगना जैसे महत्वपूर्ण जिले शामिल हैं। ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी जैसे दिग्गजों की किस्मत का फैसला भी इसी चरण में होना है। आयोग की इस सख्त कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि वह बंगाल में ‘शून्य हिंसा’ (Zero Violence) के लक्ष्य को पाने के लिए प्रतिबद्ध है।
रिपोर्ट: ब्यूरो, Today India News MP




