ऐतिहासिक दीक्षांत समारोह: राष्ट्रपति मुर्मू के हाथों सम्मानित हुए मेधावी, जबलपुर में गूंजे ‘भारत’ के जयकारे
रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के 36वें दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शिक्षा के महत्व पर दिया बल; राज्यपाल और मुख्यमंत्री रहे उपस्थित

जबलपुर, 21 जून 2026:
संस्कारधानी जबलपुर आज एक गरिमामयी शैक्षिक उत्सव का गवाह बना। राष्ट्रपति द्रौपती मुर्मू ने रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के 36वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। दो दशकों के लंबे अंतराल के बाद किसी राष्ट्रपति की विश्वविद्यालय परिसर में उपस्थिति ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया।
समारोह की प्रमुख विशेषताएं:
- ‘भारत’ का गौरव: विश्वविद्यालय ने अपनी परंपराओं को आधुनिकता के साथ जोड़ते हुए दीक्षांत समारोह के आधिकारिक दस्तावेजों और मंच पर ‘इंडिया’ के स्थान पर ‘भारत’ शब्द का प्रभावी उपयोग किया, जो पूरे कार्यक्रम में चर्चा का केंद्र रहा।
- पदकों की बौछार: समारोह में कुल 240 स्वर्ण पदक मेधावी छात्रों को प्रदान किए गए। राष्ट्रपति ने स्वयं अपने कर-कमलों से मेधावियों को पदक देकर सम्मानित किया, जिससे छात्र-छात्राओं में उत्साह का संचार हुआ।
- शोध और अकादमिक उपलब्धियां: दीक्षांत समारोह में 156 शोधार्थियों को पीएचडी, तीन को डी.लिट, एक को डी.एससी और एक विशिष्ट व्यक्ति को मानद डॉक्टरेट की उपाधि प्रदान की गई।
- सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त: राष्ट्रपति के आगमन को देखते हुए विश्वविद्यालय परिसर और शहर के प्रमुख मार्गों पर सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए थे। डमना एयरपोर्ट से लेकर आयोजन स्थल तक कड़ी निगरानी रही।
गरिमामयी उपस्थिति:
कार्यक्रम की अध्यक्षता मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार सहित प्रदेश के वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री और जनप्रतिनिधि विशेष रूप से उपस्थित रहे। विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. राजेश कुमार वर्मा ने इस दिन को विश्वविद्यालय के स्वर्ण युग की शुरुआत बताया।
जबलपुर प्रवास का मुख्य पड़ाव:
राष्ट्रपति मुर्मू का यह दौरा उनके दो दिवसीय मध्य प्रदेश प्रवास का अहम हिस्सा था। सुबह गैरिसन ग्राउंड में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने के बाद, राष्ट्रपति सीधे विश्वविद्यालय पहुंचीं। कार्यक्रम के समापन के पश्चात वे ग्वालियर के लिए रवाना हो गईं, जहाँ से उन्हें कूनो नेशनल पार्क का दौरा करना है।
यह आयोजन न केवल छात्रों के लिए एक बड़ी उपलब्धि रहा, बल्कि जबलपुर के शैक्षिक गौरव को भी राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई है।




