Welcome to Today India News MP   Click to listen highlighted text! Welcome to Today India News MP
E-Paperhttps://todayindianewsmp.live/wp-content/uploads/2024/01/jjujuu.gifUncategorizedदतियादेशधर्मनिवाड़ीमध्य प्रदेश

पीतांबरा पीठ पर ‘शक्ति नियंत्रण’ की लड़ाई? दतिया |

विश्वप्रसिद्ध पीतांबरा पीठ एक बार फिर विवादों के केंद्र में है।

निवाड़ी। दतिया कलेक्टर द्वारा पीठ से जुड़े मामलों के लिए गठित नई कमेटी को लेकर संत समाज और प्रशासन आमने-सामने नजर आ रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर शहर से लेकर प्रदेश स्तर तक ‘शक्ति नियंत्रण’ की बहस तेज हो गई है।

कलेक्टर की कमेटी से क्यों भड़का विवाद?

प्रशासन द्वारा गठित कमेटी को पीतांबरा पीठ के प्रबंधन, व्यवस्था, सुरक्षा और संचालन से जुड़े अहम अधिकार दिए गए हैं। इसी को लेकर संतों और पीठ से जुड़े परंपरागत पदाधिकारियों में असंतोष है। उनका कहना है कि यह कदम धार्मिक स्वायत्तता में सीधा हस्तक्षेप है।
संत–महंतों की आपत्ति

पीठ से जुड़े संतों का कहना है कि—

पीतांबरा पीठ की परंपरागत व्यवस्था सदियों पुरानी है
प्रशासनिक कमेटी से धार्मिक निर्णय प्रभावित होंगे
पीठ के संचालन में सरकारी नियंत्रण स्वीकार्य नहीं
कुछ संतों ने चेतावनी दी है कि यदि निर्णय वापस नहीं लिया गया, तो वे आंदोलन और न्यायिक विकल्प अपनाने को मजबूर होंगे।

प्रशासन का पक्ष

जिला प्रशासन का कहना है कि—
पीतांबरा पीठ में हर दिन हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं
सुरक्षा, यातायात, दान प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण के लिए संगठित व्यवस्था जरूरी है

कमेटी का उद्देश्य धार्मिक हस्तक्षेप नहीं, प्रशासनिक समन्वय है

प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि पूजा-पाठ और धार्मिक परंपराओं में कोई दखल नहीं दिया जाएगा।
‘शक्ति नियंत्रण’ की लड़ाई क्यों कही जा रही है?
स्थानीय जानकारों के मुताबिक पीतांबरा पीठ केवल धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि—
सामाजिक प्रभाव
राजनीतिक महत्व
और आर्थिक गतिविधियों का बड़ा केंद्र
इसी वजह से कमेटी गठन को लेकर यह सवाल उठ रहा है कि क्या यह केवल व्यवस्था सुधार है, या फिर पीठ की शक्ति संरचना पर नियंत्रण का प्रयास?

राजनीतिक हलचल भी तेज

मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। कुछ जनप्रतिनिधि इसे आस्था से जुड़ा विषय बता रहे हैं, तो कुछ इसे प्रशासनिक सुधार का नाम दे रहे हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा विधानसभा और सरकार तक पहुंच सकता है।
आगे क्या? संत समाज और प्रशासन के बीच संवाद की पहल संभव

विवाद बढ़ा तो कानूनी प्रक्रिया का रास्ता
सहमति न बनी तो जनआंदोलन की आशंका

पीतांबरा पीठ से जुड़ा यह विवाद केवल एक कमेटी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह परंपरा बनाम प्रशासन और आस्था बनाम नियंत्रण की लड़ाई बनता जा रहा है। अब देखना यह होगा कि समाधान संवाद से निकलता है या टकराव से।

Chief Editor Ajay Kumar Gupta Babuji

सच के साथ वन्देमातरम

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!
Click to listen highlighted text!