बड़ी खबर: “अब शांति है…” – अभिषेक बनर्जी के घर के बाहर सुरक्षा हटने पर स्थानीय लोगों ने तोड़ी चुप्पी
कोलकाता: टीएमसी की चुनावी हार के बाद बदला नजारा, भारी पुलिस बल की जगह अब पसरा सन्नाटा; राहगीरों ने कहा- "पहले निकलने में भी लगता था डर"

कोलकाता/नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने राज्य की सियासत और सड़कों की सूरत, दोनों बदल दी हैं। कोलकाता के कालीघाट इलाके में स्थित टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के आवास के बाहर का दृश्य अब पूरी तरह बदल चुका है। जहाँ कभी सैकड़ों पुलिसकर्मियों का पहरा और बैरिकेड्स होते थे, वहां अब सन्नाटा है।
स्थानीय निवासियों और वहां से गुजरने वाले राहगीरों का दावा है कि लंबे समय बाद इलाके में “असली शांति” लौटी है।
आम जनता का बड़ा दावा: “आजादी जैसा महसूस हो रहा है”
अभिषेक बनर्जी के घर के बाहर मौजूद स्थानीय लोगों ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि पहले यहाँ से गुजरना किसी चुनौती से कम नहीं था। एक स्थानीय निवासी सौरव बनर्जी ने बताया:
“यहाँ एक सांसद के लिए 300-350 पुलिसकर्मी तैनात रहते थे। आम आदमी का रास्ता रोक दिया जाता था, हमें धमकाया जाता था। लेकिन अब देखिए, माहौल कितना शांत है। लोग बिना किसी डर के सड़कों पर चल रहे हैं। यह बदलाव बहुत सुखद है।”
सत्ता परिवर्तन के साथ बदली सुरक्षा व्यवस्था
4 मई 2026 को आए चुनाव परिणामों में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत (207 सीटें) के बाद राज्य में सत्ता समीकरण बदल गए हैं। इसी का असर है कि ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के आवासों के बाहर से अतिरिक्त सुरक्षा घेरा हटा लिया गया है। अब केवल Z+ श्रेणी की अनिवार्य सुरक्षा ही बरकरार रखी गई है, जबकि स्थानीय पुलिस की भारी तैनाती को वापस बुला लिया गया है।
प्रमुख बिंदु:
- सुरक्षा में कटौती: भारी पुलिस बल और बैरिकेड्स हटाए गए, जिससे रास्ता पूरी तरह खुल गया है।
- जनता की राय: लोगों का आरोप है कि भारी सुरक्षा के नाम पर स्थानीय लोगों को परेशान किया जाता था।
- चुनाव परिणाम का असर: टीएमसी की 15 साल पुरानी सत्ता जाने के बाद यह प्रशासनिक बदलाव देखा जा रहा है।
- चुनाव आयोग की सख्ती: ईसीआई (ECI) ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि चुनाव बाद किसी भी तरह की हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
विपक्ष का तंज
बीजेपी समर्थकों और स्थानीय लोगों का कहना है कि यह “भयमुक्त बंगाल” की शुरुआत है। वहीं, टीएमसी के खेमे में इस बदलाव को लेकर फिलहाल चुप्पी छाई हुई है। अभिषेक बनर्जी के घर के बाहर का यह शांत नजारा बंगाल की बदलती राजनीति का सबसे बड़ा प्रतीक बनकर उभरा है।
रिपोर्ट: टुडे इंडिया न्यूज एमपी डेस्क




