दक्षिण से उठी सियासी आंधी, टूट गया ‘INDIA’ गठबंधन का सबसे मजबूत स्तंभ!
विजय की पार्टी TVK को कांग्रेस को साथ देना पड़ गया भारी, डीएमके ने तोड़ा दशकों पुराना नाता; कनिमोझी ने लोकसभा स्पीकर को लिखा पत्र

नई दिल्ली/चेन्नई: लोकसभा की कार्यवाही के बीच भारतीय राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। कांग्रेस और डीएमके (DMK) का सालों पुराना गठबंधन आधिकारिक तौर पर टूट गया है। तमिलनाडु की राजनीति में आए इस ‘सियासी भूचाल’ ने दिल्ली तक की हलचल बढ़ा दी है।
विवाद की जड़: विजय की TVK को कांग्रेस का समर्थन
इस दरार की मुख्य वजह कांग्रेस द्वारा दक्षिण भारतीय सुपरस्टार विजय की पार्टी TVK (तमिलगा वेत्री कड़गम) को सरकार बनाने के लिए दिया गया समर्थन माना जा रहा है। डीएमके ने कांग्रेस के इस कदम को ‘पीठ में छुरा घोंपना’ करार दिया है।
कनिमोझी का कड़ा रुख: “अब साथ बैठना मुमकिन नहीं”
डीएमके की वरिष्ठ नेता और सांसद कनिमोझी करुणानिधि ने इस अलगाव को आधिकारिक रूप देते हुए लोकसभा स्पीकर को एक पत्र लिखा है। पत्र में मांग की गई है कि:
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- संसद में डीएमके सांसदों की सीटिंग अरेंजमेंट (बैठने की व्यवस्था) तुरंत बदली जाए।
- डीएमके सांसदों को कांग्रेस सांसदों के साथ वाली सीटों से हटाकर अलग स्थान दिया जाए।
- गठबंधन खत्म होने के बाद अब दोनों दलों का साथ बैठना नैतिक और राजनीतिक रूप से उचित नहीं है।
”कांग्रेस ने हमारे हितों के खिलाफ जाकर एक नई पार्टी को समर्थन दिया है। अब हमारे बीच कोई समझौता शेष नहीं है।” — सूत्रों के हवाले से डीएमके का रुख
कांग्रेस को बड़ा झटका
लोकसभा में विपक्ष की एकजुटता को यह अब तक का सबसे बड़ा झटका माना जा रहा है। राहुल गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस के लिए डीएमके जैसे भरोसेमंद साथी का दूर जाना आने वाले सत्रों में मुश्किलें खड़ी कर सकता है।
ब्यूरो रिपोर्ट: टुडे इंडिया न्यूज़ एमपी
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