महा-कवरेज: मोदी सरकार के स्वर्णिम 12 साल, वो 12 बड़े फैसले जिन्होंने बदल दी देश की ‘दशा और दिशा’
26 मई 2014 से 2026 तक का ऐतिहासिक सफर; भ्रष्टाचार और सुस्ती से उबरकर दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर हुआ 'न्यू इंडिया', राजनीतिक इच्छाशक्ति और कड़े कदमों से लिखा गया नया इतिहास।

विशेष संवाददाता, टुडे इंडिया न्यूज एमपी
नई दिल्ली/भोपाल:
देश की सत्ता पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को आज पूरे 12 साल मुकम्मल हो गए हैं। 26 मई 2014 को जब नरेंद्र मोदी ने पहली बार देश के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी, तब देश नीतिगत पंगुता, सुस्त अर्थव्यवस्था और घोटालों के साए में था। आज साल 2026 में जब हम पीछे मुड़कर देखते हैं, तो यह साफ नजर आता है कि बीते 12 साल सिर्फ एक सरकार के कार्यकाल के नहीं, बल्कि भारत के आत्मविश्वास, अर्थव्यवस्था और वैश्विक साख के पूरी तरह बदल जाने की महागाथा हैं।
’मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प के साथ पीएम मोदी ने अपने 12 वर्षों के कार्यकाल में कई ऐसे साहसिक और कड़े फैसले लिए, जिन्हें छूने की हिम्मत दशकों से किसी सरकार ने नहीं की थी।
टुडे इंडिया न्यूज एमपी अपने पाठकों के लिए लेकर आया है मोदी सरकार के वो 12 ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण फैसले, जिन्होंने देश की तकदीर और तस्वीर को हमेशा के लिए बदल दिया:
देश की दिशा बदलने वाले 12 ऐतिहासिक फैसले
1. अनुच्छेद 370 का खात्मा: ‘एक देश, एक विधान’ का सपना सच
5 अगस्त 2019 को मोदी सरकार ने जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 और 35A को समाप्त कर नया इतिहास रचा। राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों (जम्मू-कश्मीर और लद्दाख) में विभाजित किया गया। इससे घाटी में दशकों पुराना अलगाववाद खत्म हुआ, तिरंगा शान से लहराया और कश्मीर मुख्यधारा के विकास व रिकॉर्ड पर्यटन से जुड़ा।
2. ‘एक देश, एक टैक्स’ – जीएसटी (GST) का ऐतिहासिक सुधार
1 जुलाई 2017 की आधी रात को देश में वस्तु एवं सेवा कर (GST) लागू किया गया। आजादी के बाद इसे टैक्स सिस्टम का सबसे बड़ा सुधार माना गया, जिसने दर्जनों अप्रत्यक्ष करों के जाल को खत्म कर पूरे देश को एक आर्थिक सूत्र में पिरोया। आज हर महीने रिकॉर्ड जीएसटी कलेक्शन देश की मजबूत आर्थिक सेहत की गवाही दे रहा है।
3. नारी शक्ति वंदन अधिनियम: महिलाओं को 33% आरक्षण
दशकों से लटके महिला आरक्षण बिल को संसद के विशेष सत्र में पास कराकर मोदी सरकार ने आधी आबादी को उनका हक दिया। इस कानून के तहत लोकसभा और राज्यों की विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 फीसदी सीटें आरक्षित की गईं, जो भारतीय राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने वाला सबसे बड़ा मील का पत्थर है।
4. तीन तलाक से मुस्लिम महिलाओं को मुक्ति
मुस्लिम महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा और सम्मान दिलाने के लिए सरकार ने ‘मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण अधिनियम’ पारित किया। एक बार में तीन तलाक (तलाक-ए-बिद्दत) को गैर-कानूनी और दंडनीय अपराध बनाकर सदियों पुरानी कुप्रथा पर रोक लगाई गई।
5. डिजिटल इंडिया और यूपीआई (UPI) क्रांति
’डिजिटल इंडिया’ अभियान के तहत विकसित हुए यूपीआई (UPI) ने देश में वित्तीय छुआछूत और छुट्टे पैसों की झंझट को हमेशा के लिए खत्म कर दिया। आज सब्जी की दुकान से लेकर बड़े शोरूम तक, भारत दुनिया में सबसे ज्यादा डिजिटल ट्रांजैक्शन करने वाला देश बन चुका है।
6. औपनिवेशिक कानूनों का अंत: भारतीय न्याय संहिता (BNS)
अंग्रेजों के जमाने से चले आ रहे दंडात्मक कानूनों (IPC, CrPC और एविडेंस एक्ट) को बदलकर मोदी सरकार ने भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम को लागू किया। यह देश के कानूनी इतिहास में ‘वि-औपनिवेशीकरण’ और न्याय आधारित प्रणाली की ओर बढ़ा सबसे बड़ा कदम रहा।
7. आयुष्मान भारत: गरीब को 5 लाख के मुफ्त इलाज की गारंटी
दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना ‘आयुष्मान भारत’ (PM-JAY) ने गरीब और मध्यम वर्ग को बीमारी के कारण कर्जदार होने से बचा लिया। इसके तहत देश के करोड़ों परिवारों को सालाना 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की गारंटी मिली।
8. सर्जिकल और एयर स्ट्राइक: आतंकवाद पर ‘नो टॉलरेंस’
उरी और पुलवामा हमलों के बाद पीएम मोदी के नेतृत्व में भारतीय सेना ने सीमा पार जाकर सर्जिकल स्ट्राइक और बालाकोट एयर स्ट्राइक की। इस फैसले ने भारत की रक्षा नीति को ‘रक्षात्मक’ से ‘आक्रामक और निर्णायक’ बना दिया, जिससे वैश्विक मंच पर भारत की सैन्य धाक जमी।
9. ऐतिहासिक नोटबंदी का फैसला
8 नवंबर 2016 को 500 और 1000 रुपये के नोटों को चलन से बाहर करने का फैसला कड़ा और चौंकाने वाला था। हालांकि इसकी आलोचना भी हुई, लेकिन इसने देश की अर्थव्यवस्था को फॉर्मलाइज (औपचारिक) करने और डिजिटल अर्थव्यवस्था की नींव रखने में उत्प्रेरक का काम किया।
10. मेक इन इंडिया और PLI स्कीम: मैन्युफैक्चरिंग हब बना भारत
जो भारत कभी मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक्स का बड़ा आयातक (Importer) था, वह ‘मेक इन इंडिया’ और प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम के चलते आज दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्माता और बड़ा निर्यातक (Exporter) बन चुका है। रक्षा उपकरणों के निर्माण में भी भारत आत्मनिर्भर हो रहा है।
11. जल जीवन मिशन: ‘हर घर नल से जल’
2019 में शुरू हुए इस मिशन ने ग्रामीण भारत की तस्वीर बदल दी। सदियों से पानी के लिए मीलों पैदल चलने को मजबूर महिलाओं को घर पर ही शुद्ध पेयजल मिलने लगा, जिससे उनके जीवन स्तर और स्वास्थ्य में व्यापक सुधार हुआ है।
12. प्रधानमंत्री आवास योजना: करोड़ों गरीबों को पक्की छत
पीएम आवास योजना (शहरी और ग्रामीण) के जरिए पारदर्शिता के साथ सीधे लाभार्थियों के खातों में पैसे भेजे गए और करोड़ों पक्के घर बनाए गए। सबसे बड़ी बात यह रही कि इन घरों का मालिकाना हक घर की महिलाओं को देकर उनका सामाजिक सशक्तिकरण किया गया।
टुडे इंडिया न्यूज एमपी का निष्कर्ष:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ये 12 साल यह साबित करते हैं कि मौजूदा नेतृत्व जोखिम लेने और कड़े फैसले करने से पीछे नहीं हटता। ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को सामने रखकर उठाए गए इन कदमों ने भारत को विश्व पटल पर एक ‘विश्वमित्र’ और मजबूत महाशक्ति के रूप में स्थापित कर दिया है।




