भोपाल में तबादलों का ‘खेल’: 42 पटवारियों के ट्रांसफर के 24 घंटे में ही 24 रद्द, मचा हड़कंप
जेडीए तक पहुँचा मामला, प्रशासनिक गलियारों में जांच की सुगबुगाहट तेज; प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल

भोपाल:
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में राजस्व विभाग के तबादला आदेशों ने प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है। भोपाल में पिछले 5 से 8 वर्षों से एक ही स्थान पर जमे हुए 42 पटवारियों के तबादला आदेश जारी किए गए थे, लेकिन इन आदेशों के जारी होने के मात्र 24 घंटे के भीतर ही इनमें से 24 पटवारियों के तबादले निरस्त कर दिए गए। अचानक हुए इस फेरबदल और फिर ताबड़तोड़ कैंसिलेशन ने पूरे महकमे में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, शासन की तबादला नीति के तहत लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ पटवारियों को हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। इसके अंतर्गत 42 पटवारियों को नई पदस्थापना दी गई थी। लेकिन, अगले ही दिन इनमें से 24 पटवारियों के ट्रांसफर आदेश को बिना किसी स्पष्ट प्रशासनिक कारण के निरस्त कर दिया गया।
जेडीए तक पहुँचा विवाद
सूत्रों की मानें तो इस ‘तबादला-रद्द’ प्रक्रिया के पीछे बड़े स्तर पर हस्तक्षेप की चर्चाएं हैं। मामला अब जेडीए (JDA) तक पहुँच चुका है, जिससे विभाग के उच्च अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप लगाए जा रहे हैं कि नियमों को ताक पर रखकर चहेते पटवारियों को बचाने के लिए यह कदम उठाया गया है।
जांच की प्रबल संभावना
तबादलों के इस ‘खेल’ के बाद अब विभागीय स्तर पर उच्च-स्तरीय जांच की मांग तेज हो गई है। प्रशासनिक जानकारों का कहना है कि 24 घंटे के भीतर इतने बड़े पैमाने पर आदेश बदलना विभाग की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगाता है। यदि जांच बैठती है, तो कई बड़े अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। फिलहाल, राजस्व विभाग के अधिकारी इस मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं, लेकिन अंदरखाने जांच की तैयारी शुरू होने की खबर है।




