#प्रहार: कांग्रेस का ‘मुस्लिम प्लान’ या गठबंधन में घमासान? इंडी अलायंस के साथी परेशान!
पीएम मोदी और अमित शाह के तीखे हमलों के बीच राहुल गांधी की रणनीति पर उठे सवाल, क्या बिखर जाएगा विपक्षी कुनबा?

भोपाल/नई दिल्ली:
देश की राजनीति में इन दिनों ‘इंडी गठबंधन’ (INDIA Alliance) के भीतर की हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस के कथित ‘मुस्लिम प्लान’ और कुछ खास रणनीतियों को लेकर अब खुद गठबंधन के अंदरूनी खेमे से ही असंतोष के सुर उठने लगे हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि कांग्रेस की कुछ नीतियां और अल्पसंख्यक तुष्टिकरण के आरोपों के चलते क्षेत्रीय दल खुद को असहज महसूस कर रहे हैं, जिससे पूरे गठबंधन के भविष्य पर सवालिया निशान लग गया है।
पीएम मोदी और अमित शाह का सीधा प्रहार
इस पूरे मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) आक्रामक रुख अपनाए हुए है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पर सीधा निशाना साधते हुए कहा है कि कांग्रेस देश को बांटने की राजनीति कर रही है। अमित शाह ने कई रैलियों में साफ तौर पर कहा कि कांग्रेस का एजेंडा तुष्टिकरण का है और वे बहुसंख्यकों के अधिकारों की अनदेखी कर एक विशेष वर्ग को फायदा पहुंचाना चाहते हैं। बीजेपी का आरोप है कि कांग्रेस अपनी खोई हुई सियासी जमीन वापस पाने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है।
राहुल गांधी के चक्रव्यूह में उलझे साथी दल?
सूत्रों की मानें तो राहुल गांधी की अगुवाई में कांग्रेस जिस तरह से अपने कोर वोट बैंक को साधने में जुटी है, उससे इंडी गठबंधन के अन्य बड़े नेता जैसे ममता बनर्जी, अखिलेश यादव और अरविंद केजरीवाल की पार्टियों में अंदरूनी बेचैनी है। क्षेत्रीय दलों को डर है कि अगर कांग्रेस एकतरफा और अति-तुष्टिकरण की राजनीति की ओर बढ़ती है, तो इसका सीधा नुकसान राज्यों में उनके पारंपरिक वोट बैंक को हो सकता है।
मध्य प्रदेश की सियासत पर क्या होगा असर?
टुडे इंडिया न्यूज़ एमपी की ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, मध्य प्रदेश में भी इस मुद्दे पर कांग्रेस और बीजेपी के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। एमपी बीजेपी का कहना है कि प्रदेश की जनता विकास चाहती है, विभाजन नहीं। वहीं, मध्य प्रदेश कांग्रेस इस मुद्दे पर सफाई देते हुए इसे बीजेपी का ‘ध्रुवीकरण का एजेंडा’ बता रही है।
अब देखना यह होगा कि पीएम मोदी और अमित शाह के इन करारे प्रहारों के बीच राहुल गांधी अपने ‘इंडी गठबंधन’ के साथियों को कैसे एकजुट रख पाते हैं और इस राजनीतिक संकट से उबरने के लिए क्या रास्ता निकालते हैं।
ब्यूरो रिपोर्ट: टुडे इंडिया न्यूज़ एमपी (Today India News MP)




