केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र खटीक की मौसी को पीएम आवास का इंतजार: दमोह जनसुनवाई में बयां किया दर्द
अगर एक साल बाद मैं जिंदा रही, तो क्या मुझे लाभ मिल पाएगा?’ - मंत्री की मौसी का सवाल

दमोह: मध्य प्रदेश के दमोह से एक बेहद भावुक और हैरान करने वाला मामला सामने आया है। केंद्र सरकार में समाज कल्याण मंत्री वीरेंद्र खटीक की मौसी को अभी तक प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिल सका है। दमोह में आयोजित जनसुनवाई के दौरान उन्होंने अधिकारियों के सामने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि वे आज भी उसी कच्चे मकान में रहने को मजबूर हैं, जिसमें कभी मंत्री महोदय का बचपन बीता था।
जनसुनवाई में झलका दर्द
दमोह की जनसुनवाई में पहुंची मंत्री वीरेंद्र खटीक की मौसी ने अधिकारियों से गुहार लगाई कि उन्हें अब तक सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाया है। उन्होंने अत्यंत व्यथित होकर पूछा, “मैं पिछले काफी समय से चक्कर काट रही हूं। अगर एक साल बाद तक मैं जिंदा रही, तो क्या तब मुझे आवास का लाभ मिल पाएगा?”
आवास और शौचालय से अब भी महरूम
मौसी ने बताया कि उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत न तो पक्का घर मिला है और न ही शौचालय की सुविधा प्राप्त हुई है। इसके अलावा, उनकी पुश्तैनी जमीन को लेकर भी एक कानूनी विवाद चल रहा है, जिससे उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पहले भी उठा था मामला
गौरतलब है कि कुछ समय पूर्व जब केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र खटीक अपने ननिहाल पहुंचे थे, तब भी उनकी मौसी ने उन्हें अपने बदहाल मकान और समस्याओं के बारे में बताया था। उस समय मंत्री ने स्थानीय प्रशासन और नेताओं को उनकी समस्याओं का समाधान करने के निर्देश दिए थे। बावजूद इसके, आज भी स्थिति जस की तस बनी हुई है, जिससे स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
इस घटना ने एक ओर जहां सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की धीमी गति की पोल खोल दी है, वहीं एक कद्दावर केंद्रीय मंत्री के परिवार के सदस्य की ऐसी स्थिति आम लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।




