भवानीपुर में गूंजा ‘अखंड भारत’ का संकल्प: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के पैतृक आवास पर दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि
जिस ऐतिहासिक घर में लिया गया था राष्ट्र की एकता का संकल्प, वहीं प्रतिमा पर माल्यार्पण कर 'श्रेष्ठ भारत' के निर्माण का दोहराया गया प्रण

कोलकाता/भवानीपुर:
महान शिक्षाविद, प्रखर राष्ट्रवादी और भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती के पावन अवसर पर पश्चिम बंगाल के भवानीपुर स्थित उनके पैतृक आवास में एक विशेष श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। यह वही ऐतिहासिक और पावन परिसर है, जहां कभी डॉ. मुखर्जी ने देश की एकता और ‘अखंड भारत’ का महान संकल्प लिया था।
आज इस ऐतिहासिक धरोहर पर राष्ट्रनायकों और गणमान्य नागरिकों द्वारा उनकी भव्य प्रतिमा पर श्रद्धापूर्वक माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान उपस्थित सभी लोगों ने देश की संप्रभुता, अखंडता और सांस्कृतिक गौरव को अक्षुण्ण रखने का सामूहिक संकल्प लिया।
“डॉ. मुखर्जी के पदचिह्नों पर चलते हुए, अपनी संस्कृति पर गौरवान्वित रहने व हर क्षेत्र में भारत को ‘श्रेष्ठ भारत’ बनाने के लिए हम सब पूरी तरह से समर्पित रहेंगे।”
सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और श्रेष्ठ भारत का सपना
भवानीपुर स्थित इस पैतृक घर का भारतीय इतिहास और राजनीति में एक अमूल्य स्थान है। श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित विचारकों और नेताओं ने डॉ. मुखर्जी के अभूतपूर्व योगदान को याद करते हुए कहा कि उनका पूरा जीवन मां भारती की सेवा और कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक देश को एक मजबूत सूत्र में पिरोने के लिए समर्पित रहा।
उनके इसी राष्ट्र निर्माण के विचार को आगे बढ़ाते हुए आज देश की युवा पीढ़ी को अपनी समृद्ध संस्कृति, धर्म और विरासत पर गर्व करने की सीख मिल रही है। इस पावन अवसर पर यह दृढ़ संकल्प दोहराया गया कि शिक्षा, आत्मनिर्भरता, विकास और सामाजिक समरसता के हर क्षेत्र में भारत को विश्व पटल पर सर्वोत्तम (श्रेष्ठ भारत) बनाने के लिए उनके बताए रास्तों पर निरंतर काम किया जाएगा।
Today India News MP (ब्यूरो रिपोर्ट)




