निवाड़ी में महा-निरीक्षण: कलेक्टर जमुना भिड़े का बड़ा कदम, 10 जुलाई को ग्राम पंचायतों में औचक कार्रवाई करेंगे आला अधिकारी
जनकल्याणकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत जानने मैदान में उतरेंगे अफसर; स्कूल, राशन, स्वास्थ्य और पेयजल व्यवस्था की होगी ऑन-द-स्पॉट जांच

टुडे इंडिया न्यूज एमपी
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निवाड़ी। मध्य प्रदेश सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने बेहद सख्त रुख अपना लिया है। योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही को रोकने के लिए कार्यालय कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्रीमती जमुना भिड़े द्वारा एक विशेष ‘भ्रमण आदेश’ जारी किया गया है।
इस आदेश के तहत दिनांक 10 जुलाई 2026 को प्रातः 10:00 बजे से जिला एवं खंड स्तरीय अधिकारियों का एक विशाल दल विभिन्न ग्राम पंचायतों का सघन और औचक निरीक्षण (Surprise Inspection) करेगा। इस औचक कार्रवाई से प्रशासनिक गलियारों और पंचायत स्तर के अमले में हड़कंप मच गया है।
इन प्रमुख बिंदुओं पर रहेगी निरीक्षण दल की पैनी नजर
कलेक्टर कार्यालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, निरीक्षण दल को ग्राम पंचायतों में चल रही बुनियादी सुविधाओं और सरकारी योजनाओं की बारीकी से जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
- शिक्षा और पोषण (स्कूल व आंगनवाड़ी): आंगनवाड़ी केंद्रों और स्कूलों के खुलने व बंद होने के समय का मिलान किया जाएगा। शिक्षकों और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की उपस्थिति जांची जाएगी। इसके साथ ही बच्चों को मिलने वाले मिड-डे मील (MDM) और नाश्ते की गुणवत्ता को भी परखा जाएगा।
- स्वास्थ्य सेवाएं और आयुष्मान कार्ड: स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों की उपस्थिति और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। विशेष रूप से दवाओं की एक्सपायरी डेट की सघन जांच होगी, ताकि मरीजों को कोई खतरा न हो। इसके अलावा, आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रगति की भी समीक्षा की जाएगी।
- राशन और पेयजल की आपूर्ति: शासकीय उचित मूल्य की दुकानों (राशन दुकानों) पर स्टॉक की स्थिति और वितरण व्यवस्था को देखा जाएगा। साथ ही, ग्रामीणों की सबसे बुनियादी जरूरत यानी ‘नल जल योजना’ के तहत मिल रहे पेयजल की आपूर्ति की जमीनी सच्चाई का जायजा लिया जाएगा।
- अधिकारियों व कर्मचारियों की उपस्थिति: ग्राम पंचायतों में अक्सर गायब रहने वाले अमले पर भी शिकंजा कसा जाएगा। पंचायत सचिव, रोजगार सहायक और पटवारियों की उपस्थिति के साथ-साथ उनके बैठने के निर्धारित दिनों का भौतिक सत्यापन (Verification) किया जाएगा।
ग्रामीणों से सीधा संवाद और ऑन-द-स्पॉट रिपोर्टिंग
इस विशेष अभियान की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी यह है कि निरीक्षण के दौरान अधिकारी केवल दफ्तरों या फाइलों तक सीमित नहीं रहेंगे। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि अधिकारी स्थानीय जनप्रतिनिधियों और आम ग्रामीणों से सीधा संवाद करेंगे।
ग्रामीणों की विशेष समस्याओं, बुनियादी दिक्कतों और सरकारी योजनाओं से जुड़ी शिकायतों को मौके पर ही सुना जाएगा। इन सभी शिकायतों और फीडबैक को एक ‘निरीक्षण पत्रक’ (रिपोर्ट) में अनिवार्य रूप से दर्ज किया जाएगा। इस गोपनीय और विस्तृत रिपोर्ट को सीधे कलेक्टर और वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा, जिसके आधार पर लापरवाह कर्मचारियों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है।
टुडे इंडिया न्यूज एमपी के लिए निवाड़ी से ब्यूरो रिपोर्ट।




