शरद पवार का बड़ा बयान: ‘राजनीतिक मतभेद अपनी जगह, लेकिन पीएम मोदी विदेशों में बढ़ा रहे देश का मान’
विपक्ष को शरद पवार की नसीहत; कहा- राष्ट्र के सम्मान और वैश्विक प्रतिष्ठा के मुद्दे पर आड़े नहीं आनी चाहिए राजनीति

पुणे/विशेष ब्यूरो: देश की राजनीति में उस समय एक बड़ा मोड़ देखने को मिला जब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP-SP) के प्रमुख शरद पवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर सराहना की। पुणे में आयोजित ‘लक्ष्मणराव गुट्टे रूरल डेवलपमेंट फाउंडेशन’ के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वरिष्ठ नेता शरद पवार ने साफ शब्दों में विपक्ष के अन्य नेताओं को राष्ट्रीय मुद्दों पर राजनीति न करने की नसीहत दे डाली।
‘राष्ट्र का गौरव सभी मतभेदों से ऊपर’
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे अपने बयान की पुष्टि करते हुए शरद पवार ने कहा, “हमारी राजनीतिक विचारधाराएं और विचार पूरी तरह अलग हो सकते हैं, लेकिन इस बात को बिल्कुल भुलाया नहीं जा सकता कि प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की प्रतिष्ठा और साख को मजबूत करने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं।” उन्होंने विपक्षी खेमे के प्रमुख चेहरों की ओर परोक्ष रूप से इशारा करते हुए कहा कि जब भी बात देश के सम्मान और विदेश में भारत की छवि की आती है, तो सियासी खींचतान और निजी मतभेदों को किनारे रख देना चाहिए।
इंदिरा गांधी और मनमोहन सिंह का दिया उदाहरण
पवार ने अपने भाषण में पूर्व प्रधानमंत्रियों—इंदिरा गांधी, पी.वी. नरसिम्हा राव और डॉ. मनमोहन सिंह का उदाहरण देते हुए कहा कि इन सभी नेताओं ने हमेशा देश के भविष्य और उसकी प्रतिष्ठा को सर्वोपरि रखा। इंदिरा गांधी से जुड़े एक पुराने संस्मरण को याद करते हुए उन्होंने कहा कि देश के गौरव से किसी भी कीमत पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए।
सामूहिक हित में साथ आने की अपील
विपक्षी गठबंधन के भीतर इस बयान को एक बड़ी नसीहत के तौर पर देखा जा रहा है। शरद पवार ने अपने पुराने सहयोगियों और विभिन्न दलों के राजनेताओं से अपील की कि यदि राष्ट्रीय हित में सामूहिक रूप से काम करने का कोई भी अवसर सामने आता है, तो सभी को एक साझा उद्देश्य के साथ देश की प्रतिष्ठा को आगे बढ़ाने में अपना योगदान देना चाहिए।
राजनीतिक गलियारों में शरद पवार के इस बदले रुख और प्रधानमंत्री मोदी की इस खुले मंच से तारीफ को लेकर अब कई तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं




