नेशनल हाईवे पर अब नहीं रुकेंगे पहिए: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने लॉन्च किया देश का पहला बैरियर-लेस टोल सिस्टम
मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF) तकनीक से अब 80 किमी की रफ्तार में भी कटेगा टोल; जाम और इंतज़ार से मिलेगी मुक्ति।

नई दिल्ली/भोपाल: देश के इंफ्रास्ट्रक्चर को नई ऊंचाई पर ले जाते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक और क्रांतिकारी कदम उठाया है। आज एक विशेष कार्यक्रम के दौरान उन्होंने मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF) यानी बैरियर-मुक्त टोलिंग सिस्टम का उद्घाटन किया। इस नई तकनीक के आने के बाद अब वाहन चालकों को टोल प्लाजा पर रुकने या लंबी कतारों में लगने की जरूरत नहीं होगी।
क्या है MLFF तकनीक और कैसे करेगी काम?
मंत्री गडकरी ने प्रदर्शित किया कि यह प्रणाली पूरी तरह से ऑटोमैटिक है। इसमें हाईवे पर खास तरह के सेंसर और कैमरे (ANPR – ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन) लगाए गए हैं।
- बिना रुके भुगतान: जैसे ही वाहन इन कैमरों के नीचे से गुजरेगा, सिस्टम वाहन की नंबर प्लेट और FASTag को स्कैन कर लेगा।
- तेज रफ्तार में एंट्री: चालक 80 किमी/घंटा की रफ्तार से चलते हुए भी टोल पार कर सकेंगे।
- मल्टी-सेंसर वेरिफिकेशन: तस्वीरों में स्पष्ट देखा जा सकता है कि सिस्टम वाहन की पहचान, वजन और श्रेणी का मिलान ‘वाहन’ डेटाबेस से तत्काल कर लेता है।
2026 तक देश से खत्म हो जाएंगे टोल प्लाजा

उद्घाटन के दौरान गडकरी ने अपना संकल्प दोहराते हुए कहा कि “साल 2026 के अंत तक पूरे देश से भौतिक (Physical) टोल बूथ हटा दिए जाएंगे।” इसकी जगह सैटेलाइट आधारित और कैमरा आधारित टोलिंग सिस्टम ले लेगा। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि ईंधन की बर्बादी और प्रदूषण में भी भारी कमी आएगी।
महत्वपूर्ण बदलाव: अब उतना ही पैसा, जितना चले हाईवे
नए सिस्टम के तहत सरकार ‘पे-पर-यूज़’ (Pay-per-use) मॉडल पर काम कर रही है। यानी अब यात्रियों को पूरे टोल का भुगतान करने की बजाय केवल उस दूरी का पैसा देना होगा, जितनी उन्होंने यात्रा की है। इससे कई रूटों पर टोल की दरें कम होने की उम्मीद है।
“यह तकनीक न केवल ‘इज ऑफ लिविंग’ को बढ़ावा देगी, बल्कि माल ढुलाई की लागत कम करके देश की अर्थव्यवस्था को भी गति देगी।” > — नितिन गडकरी, केंद्रीय मंत्री
टुडे इंडिया न्यूज एमपी के लिए ब्यूरो रिपोर्ट।




