स्वर्ण मण्डित श्रीराम यंत्र का भव्य प्रतिष्ठा समारोह, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उतारी प्रथम आरती
आध्यात्मिक माहौल में संपन्न हुआ ऐतिहासिक आयोजन, वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुई प्रतिष्ठा, देशभर में श्रद्धा और उत्साह का माहौल

अयोध्या, उत्तरप्रदेश। देश में आध्यात्मिक आस्था और सनातन परंपरा का एक भव्य उदाहरण उस समय देखने को मिला, जब स्वर्ण मण्डित श्रीराम यंत्र की विधिवत प्रतिष्ठा समारोह का आयोजन किया गया।
इस विशेष अवसर पर भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू स्वयं उपस्थित रहीं और उन्होंने यंत्र की प्रथम आरती उतारकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
पूरे समारोह के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया, जिससे वातावरण पूर्णतः भक्तिमय और ऊर्जावान हो गया। संत-महात्माओं और श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में उपस्थिति ने इस आयोजन को और भी विशेष बना दिया।
स्वर्ण मण्डित श्रीराम यंत्र को सनातन धर्म में अत्यंत पवित्र और शक्तिशाली माना जाता है। इसकी प्रतिष्ठा को देश की सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक धरोहर के रूप में देखा जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार के आयोजन भारतीय संस्कृति, परंपरा और आस्था को सशक्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने सभी देशवासियों के सुख-समृद्धि और शांति की कामना भी की।
इस ऐतिहासिक आयोजन के बाद देशभर में श्रद्धालुओं के बीच उत्साह का माहौल है और इसे एक महत्वपूर्ण धार्मिक घटना के रूप में देखा जा रहा है।




