15 अगस्त 2026: लाल किले की प्राचीर से पहली बार गूंजेगा राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’, पीएम मोदी के भाषण से पहले होगा गायन
वंदे मातरम' के 150वें वर्ष पर ऐतिहासिक कदम; दशकों बाद राष्ट्रीय समारोहों के प्रोटोकॉल में राष्ट्रगीत को मिलने जा रहा है नया सम्मान

नई दिल्ली / भोपाल (टुडे इंडिया न्यूज एमपी):
आगामी 15 अगस्त, 2026 को भारत के स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान देश एक नए ऐतिहासिक अध्याय का साक्षी बनेगा। दिल्ली स्थित ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से पहली बार राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ का गायन किया जाएगा। यह विशेष गायन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र के नाम औपचारिक संबोधन और ध्वजारोहण से ठीक पहले आयोजित होगा।
राष्ट्रीय प्रोटोकॉल में ऐतिहासिक बदलाव
दशकों से भारत के राष्ट्रीय प्रोटोकॉल में ‘वंदे मातरम’ की स्थिति को लेकर एक अनकही हिचक और उलझन रही है। यद्यपि 1950 में संविधान सभा द्वारा इसे राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के समान ही सम्मान देने का प्रावधान किया गया था, फिर भी व्यावहारिक और सरकारी आयोजनों में ‘जन गण मन’ को ही मुख्य स्थान दिया जाता रहा। स्वतंत्रता संग्राम के दौर में जन-जन की आवाज बनने वाले ‘वंदे मातरम’ को सरकारी मंचों पर वह विशिष्ट प्राथमिकता नहीं मिल सकी थी, जिसका यह हकदार था।

150 वर्षों की गौरवशाली यात्रा का सम्मान
वर्ष 2026 राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ की रचना के 150 वर्ष पूरे होने का अवसर भी है। आजादी के आंदोलन में स्वतंत्रता सेनानियों के लिए महामंत्र बने इस गीत को अब राष्ट्रीय समारोह के शीर्ष मंच पर जगह देकर इसके ऐतिहासिक और सांस्कृतिक योगदान को पुनर्स्थापित किया जा रहा है।
लाल किले पर होने वाला यह आयोजन केवल एक सांस्कृतिक प्रस्तुति नहीं, बल्कि भारत की राष्ट्रीय धरोहर और स्वाभिमान को सम्मान देने की दिशा में एक दूरगामी संदेश माना जा रहा है।




