ग्लोबल मंच पर छाई भारतीय संस्कृति: इटली की प्रधानमंत्री मेलोनी का ‘नमस्ते’ अभिवादन बना चर्चा का विषय, प्रधानमंत्री मोदी की कूटनीति का असर
पीएम मोदी के प्रभाव से वैश्विक फलक पर स्थापित हुई भारतीय परंपरा, सोशल मीडिया पर 'नमस्ते' की गूंज और बढ़ रहा सांस्कृतिक प्रभाव

टुडे इंडिया न्यूज एमपी
भोपाल/नई दिल्ली:
भारतीय संस्कृति और परंपराएं आज वैश्विक मंच पर एक नई और सशक्त पहचान बना रही हैं। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अपनाई गई ‘नमस्ते’ की शैली अब केवल भारत तक सीमित नहीं रही, बल्कि विश्व के दिग्गज नेताओं की जीवनशैली का हिस्सा बनती जा रही है। अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों के दौरान इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी द्वारा हाथ जोड़कर ‘नमस्ते’ के साथ प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत करने का अंदाज एक बार फिर वैश्विक स्तर पर चर्चा का केंद्र बन गया है। सोशल मीडिया पर इस पल को लेकर आम जनता और समर्थकों के बीच भारी उत्साह है, जहां लोग इसे प्रधानमंत्री मोदी के व्यक्तित्व और ‘संगत के असर’ के रूप में देख रहे हैं।
‘नमस्ते’ से बदली वैश्विक कूटनीति की परिभाषा
अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में पारंपरिक रूप से हैंडशेक (हाथ मिलाने) का चलन रहा है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक पटल पर ‘नमस्ते’ को एक नई प्रतिष्ठा दिलाई है। यह अभिवादन न केवल आपसी सम्मान का प्रतीक है, बल्कि स्वास्थ्य और स्वच्छता के लिहाज से भी पूरी दुनिया में सराहा गया है। जब विदेशी धरती पर बड़े-बड़े राष्ट्राध्यक्ष इस भारतीय परंपरा को अपनाते हैं, तो यह देश के सांस्कृतिक गौरव को और अधिक प्रखर करता है।
सोशल मीडिया पर छाई मेलोनी और मोदी की केमिस्ट्री
प्रधानमंत्री मोदी और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की जब भी मुलाकात होती है, उनकी आपसी गर्मजोशी और सहजता दुनिया का ध्यान खींचती है। मेलोनी द्वारा भारतीय संस्कृति के प्रति आदर भाव दिखाते हुए ‘नमस्ते’ करना इस बात का प्रमाण है कि भारतीय जीवनमूल्य किस प्रकार वैश्विक नेताओं को प्रभावित कर रहे हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लोग इसे भारतीय संस्कृति की बढ़ती ताकत और प्रधानमंत्री के कूटनीतिक प्रभाव का सीधा असर बता रहे हैं।
मजबूत होते भारत-इटली संबंध
सांस्कृतिक आदान-प्रदान के साथ-साथ कूटनीतिक मोर्चे पर भी भारत और इटली के रिश्ते नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं। रक्षा, तकनीक, व्यापार और रणनीतिक साझेदारियों के मामले में दोनों देश लगातार एक-दूसरे के करीब आ रहे हैं। वैश्विक मंच पर नेताओं के बीच ऐसा सौहार्दपूर्ण और आत्मीय संबंध दोनों देशों के द्विपक्षीय रिश्तों को और अधिक मजबूत और जन-सुलभ बना रहा है।
(टुडे इंडिया न्यूज एमपी के लिए विशेष रिपोर्ट)




