आतंक का ‘सेफ हेवन’ बना पाकिस्तान: अमेरिकी कांग्रेस की रिपोर्ट ने खोली पोल, 12 संगठन ‘ग्लोबल टेररिस्ट’ घोषित
1980 के दशक से जड़ें जमाए बैठे हैं आतंकी गुट; भारत, अफगानिस्तान और दुनिया के लिए बड़ा खतरा

नई दिल्ली/वॉशिंगटन/इस्लामाबाद: दुनिया भर में खुद को आतंकवाद का शिकार बताने वाले पाकिस्तान का असली चेहरा एक बार फिर बेनकाब हो गया है। अमेरिकी कांग्रेस की संस्था ‘कांग्रेशनल रिसर्च सर्विस’ (CRS) ने 25 मार्च 2026 को अपनी ताजा रिपोर्ट जारी की है, जिसमें पाकिस्तान को कई घातक आतंकी गुटों का सुरक्षित ठिकाना बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान की धरती पर मौजूद कई आतंकी संगठन 1980 के दशक से सक्रिय हैं और वहां से पूरी दुनिया में अपना जाल फैला रहे हैं।
5 श्रेणियों में बंटे हैं ये आतंकी संगठन
अमेरिकी अधिकारियों ने पाकिस्तान में सक्रिय इन गुटों को उनकी कार्यशैली और लक्ष्यों के आधार पर पांच प्रमुख श्रेणियों में बांटा है:
- वैश्विक स्तर पर सक्रिय गुट: जो पूरी दुनिया को निशाना बनाते हैं।
- अफगानिस्तान केंद्रित: जिनका मुख्य मकसद पड़ोसी देश अफगानिस्तान में अस्थिरता फैलाना है।
- भारत केंद्रित: जो विशेष रूप से भारत और कश्मीर में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देते हैं।
- घरेलू गुट: जो पाकिस्तान के भीतर ही सक्रिय हैं।
- सांप्रदायिक गुट: जो खास विचारधारा और संप्रदायों के खिलाफ हिंसा फैलाते हैं।
12 संगठनों पर अमेरिकी कानून का हंटर
रिपोर्ट में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह है कि पाकिस्तान में पल रहे इन गुटों में से 12 संगठनों को अमेरिकी कानून के तहत ‘विदेशी आतंकी संगठन’ (FTOs) घोषित किया जा चुका है। इनमें से अधिकांश गुट कट्टरपंथी इस्लामी विचारधारा से प्रेरित हैं। रिपोर्ट बताती है कि लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे खतरनाक संगठन अभी भी पाकिस्तानी सरजमीं का इस्तेमाल कर रहे हैं।
सैन्य कार्रवाई के दावों की खुली पोल
रिपोर्ट में पाकिस्तान के उन दावों पर भी सवाल उठाए गए हैं जिनमें वह आतंकियों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की बात करता है। अमेरिकी कांग्रेस का कहना है कि पाकिस्तान में इन नेटवर्क्स का बुनियादी ढांचा अभी भी बरकरार है। यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब भारत लगातार वैश्विक मंचों पर पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का मुद्दा उठाता रहा है।




