टीकमगढ़ नगर पालिका अध्यक्ष अब्दुल गफ्फार खान बर्खास्त, 5 साल के लिए चुनाव लड़ने पर भी रोक
भृष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के चलते नगरीय प्रशासन विभाग ने लिया कड़ा फैसला

टीकमगढ़। मध्य प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए टीकमगढ़ नगर पालिका के अध्यक्ष अब्दुल गफ्फार खान (पप्पू मलिक) को तत्काल प्रभाव से पद से बर्खास्त कर दिया है। विभाग के सचिव शीलेंद्र सिंह द्वारा जारी आदेश में न केवल उन्हें पद से पृथक किया गया है, बल्कि आगामी 5 वर्षों के लिए निर्वाचन हेतु अयोग्य भी घोषित कर दिया गया है।
बर्खास्ती आदेश का मुख्य विवरण
नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, अध्यक्ष पर पद के दुरुपयोग और गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के कुल 9 आरोप सिद्ध पाए गए हैं। मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
- भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप: जाँच समिति की रिपोर्ट में पाया गया कि माँ कर्माबाई मार्केट की दुकानों के आवंटन में ऑनलाइन प्रक्रिया के बजाय ऑफलाइन निविदाएं ली गईं, जिससे निकाय को लाखों रुपये की वित्तीय क्षति हुई।
- नियम विरुद्ध नियुक्तियाँ: शासन द्वारा प्रतिबंध होने के बावजूद 15 से अधिक दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की अवैध रूप से भर्ती की गई।
- अत्यधिक दरों पर खरीदी: एलईडी लाइट, फिटकरी और पाइपलाइन सामग्री की खरीदी बाजार दर से कहीं अधिक कीमतों पर की गई। जाँच में यह भी पाया गया कि 66 में से 58 ठेके केवल दो विशेष फर्मों को दिए गए।
- गलत स्थल चयन: पुरानी टेहरी क्षेत्र में तालाब के डूब क्षेत्र में संजीवनी क्लीनिक का निर्माण कराया गया, जिससे शासन की लाखों की राशि व्यर्थ खर्च हुई।
- अधिनियम का उल्लंघन: अध्यक्ष ने अपनी वित्तीय सीमाओं का उल्लंघन करते हुए बिना पीआईसी (PIC) की स्वीकृति के करोड़ों रुपये के भुगतान आदेश जारी किए, जो मध्य प्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 51 का स्पष्ट उल्लंघन है।
जाँच और नोटिस का घटनाक्रम
यह कार्रवाई अचानक नहीं हुई है, बल्कि पिछले कई महीनों से चल रही जाँच का परिणाम है:
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- फरवरी 2026: पार्षदों की शिकायतों के आधार पर नगरीय प्रशासन विभाग ने पहला कारण बताओ नोटिस जारी किया था।
- मार्च 2026: अध्यक्ष द्वारा संतोषजनक जवाब न देने पर विभाग ने जाँच प्रतिवेदन की प्रतियों के साथ दूसरा नोटिस जारी किया।
- 8 अप्रैल 2026: अंतिम सुनवाई और जाँच रिपोर्ट में दोषी पाए जाने के बाद सचिव शीलेंद्र सिंह ने बर्खास्तगी का अंतिम आदेश जारी किया।
नोट: इस फैसले के बाद टीकमगढ़ की राजनीति में हड़कंप मच गया है। अब्दुल गफ्फार खान ने इन आरोपों को राजनीतिक द्वेष बताते हुए कहा है कि वे इस आदेश के खिलाफ न्यायालय की शरण लेंगे।
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