80 करोड़ लोगों को बड़ी सौगात: मोदी कैबिनेट ने ‘सार्थक-PDS’ योजना को दी मंजूरी, राशन व्यवस्था में होंगे 3 बड़े ऐतिहासिक सुधार
राशन चोरी पर लगेगी लगाम, राज्यों को मिलेगी आर्थिक मदद और हाईटेक होगा सार्वजनिक वितरण तंत्र; जानें आम जनता को क्या होगा फायदा.

नई दिल्ली/भोपाल। देश के 80 करोड़ से अधिक गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए केंद्र सरकार ने एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ा फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) की बैठक में ‘SARTHAK PDS’ (सार्थक-पीडीएस) नामक एक नई व्यापक अम्ब्रेला योजना को मंजूरी दी गई है।
इस योजना के तहत केंद्र सरकार अगले 5 वर्षों (अप्रैल 2026 से मार्च 2031) में कुल ₹25,530 करोड़ खर्च करेगी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को मजबूत करना, राशन की चोरी (लीकेज) रोकना और राशन दुकानदारों से लेकर आम जनता तक पूरी प्रक्रिया को आसान व पारदर्शी बनाना है।
क्या है ‘सार्थक-पीडीएस’ योजना?
सरकार ने दो पुरानी महत्वपूर्ण योजनाओं को आपस में मिलाकर इस नई एकीकृत व्यवस्था को तैयार किया है:
- राशन परिवहन और डीलर मार्जिन सहायता योजना (राज्यों के भीतर खाद्यान्न की ढुलाई और डीलरों का कमीशन)।
- स्मार्ट पीडीएस (SMART PDS) योजना (राशन वितरण में तकनीकी सुधार)।
इन दोनों के मिलन से बनी ‘सार्थक-PDS’ योजना अब पूरी राशन व्यवस्था को हाईटेक और पारदर्शी बनाएगी।
राशन व्यवस्था में होने वाले 3 सबसे बड़े सुधार:
1. राज्यों की राशन ढुलाई में भारी मदद (अंत्योदय तक समय पर पहुंचेगा अनाज)
अक्सर राज्य सरकारों और उनकी एजेंसियों को भारतीय खाद्य निगम (FCI) के बड़े गोदामों से जिलों, तहसीलों और अंततः राशन की दुकानों तक अनाज पहुंचाने में भारी ट्रांसपोर्ट खर्च उठाना पड़ता था। दूरदराज के गांवों में समय पर राशन नहीं पहुंच पाता था। अब केंद्र सरकार इस खर्च को उठाने के लिए राज्यों को सीधी वित्तीय सहायता देगी। इससे परिवहन लागत कम होगी और हर गरीब के घर तक समय पर राशन पहुंचेगा।
2. राशन डीलरों (फेयर प्राइस शॉप) को सपोर्ट और बढ़ा हुआ कमीशन
देशभर के राशन दुकानदारों (Ration Dealers) की लंबे समय से चली आ रही मांगों को पूरा करते हुए सरकार ने उनके कमीशन (मार्जिन) को बढ़ाने और नियमों में संशोधन का फैसला किया है। अब राशन डीलरों को डिजिटल उपकरण, बेहतर स्टोरेज और दुकान संचालन के लिए अतिरिक्त सहायता दी जाएगी। इससे राशन दुकानदारों की आर्थिक स्थिति सुधरेगी और वे बिना किसी गड़बड़ी के ईमानदारी से काम कर सकेंगे।
3. AI और ब्लॉकचेन से हाईटेक होगी राशन व्यवस्था (चोरी और ब्लैक मार्केटिंग का अंत)
तीसरा और सबसे क्रांतिकारी बदलाव राशन व्यवस्था का संपूर्ण आधुनिकीकरण है। अब राशन वितरण में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग (ML) और ब्लॉकचेन (Blockchain) जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल होगा।
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- राशन की दुकानों पर ई-पॉश (e-PoS) मशीनों का अपग्रेडेशन होगा।
- फर्जी लाभार्थियों और राशन की ब्लैक मार्केटिंग को पूरी तरह रोकने के लिए रियल-टाइम ट्रैकिंग की जाएगी।
- ’वन नेशन-वन राशन कार्ड’ व्यवस्था को और अधिक मजबूत व सीमलेस बनाया जाएगा, ताकि देश का कोई भी मजदूर या गरीब व्यक्ति किसी भी राज्य में बिना किसी परेशानी के अपना राशन ले सके।
टुडे इंडिया न्यूज एमपी की विशेष टिप्पणी: ‘सार्थक-PDS’ योजना के लागू होने से न केवल मध्य प्रदेश बल्कि पूरे देश के 81.35 करोड़ एनएफएसए (NFSA) लाभार्थियों को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा। यह डिजिटल इंडिया और खाद्य सुरक्षा की दिशा में मोदी सरकार का एक मील का पत्थर साबित होने वाला कदम है।




