‘जो रोटी के साथ गाय खाते थे, अब वो भी उसे राष्ट्रमाता बनाने की मांग कर रहे हैं’ – धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री
27 जुलाई को देशव्यापी आंदोलन का एलान; बागेश्वर बाबा ने संत समाज और सनातनियों से की दिल्ली पहुंचने की अपील, मुस्लिम धर्मगुरु अरशद मदनी के बयान का भी किया जिक्र

भोपाल/बद्रीनाथ धाम:
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने गाय को “राष्ट्रमाता” का दर्जा दिए जाने और सड़कों पर भटक रहे गोवंश के संरक्षण को लेकर एक बड़ा एलान किया है। उत्तराखंड के पवित्र बद्रीनाथ धाम में कथा के दौरान व्यासपीठ से उन्होंने 27 जुलाई को देशव्यापी ‘गौ माता राष्ट्रमाता अभियान’ शुरू करने की घोषणा की। इस अभियान के तहत देश के सभी जिलों में हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा और सरकार को ज्ञापन सौंपे जाएंगे। बागेश्वर बाबा ने समस्त संत समाज, गौ सेवकों और सनातनियों से इस मुहिम को मजबूती देने के लिए दिल्ली पहुंचने का आह्वान किया है।
“सचमुच देश बदल रहा है” – धीरेंद्र शास्त्री
अपने संबोधन के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि इस अभियान को अब हर वर्ग और धर्म का समर्थन मिल रहा है। उन्होंने अपने चिरपरिचित अंदाज में कहा:
“हम लोग गाय पालने वाले हैं और उसे रोटी खिलाते हैं, जबकि कुछ लोग रोटी के साथ गाय खाते हैं। लेकिन आज खुशी की बात है कि जो लोग पहले गोमांस का सेवन करते थे, अब वे भी गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग का समर्थन कर रहे हैं। सचमुच अब देश बदल रहा है।”
मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना अरशद मदनी के बयान का किया जिक्र
पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने मुस्लिम समुदाय की ओर से मिल रहे समर्थन का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रमुख मौलाना अरशद मदनी और कई अन्य मुस्लिम संगठनों ने भी भारत सरकार से गाय को विशेष दर्जा देने की मांग उठाई है। उन्होंने इसे सामाजिक समरसता और बदलती सोच का एक सकारात्मक संकेत बताया।
27 जुलाई को महा-अभियान की रूपरेखा
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने साफ किया कि यह लड़ाई किसी मजहब के खिलाफ नहीं, बल्कि गोमाता के सम्मान और उनकी सुरक्षा के लिए है।
- देशव्यापी हस्ताक्षर अभियान: 27 जुलाई को देश के सभी जिलों में भारी संख्या में लोग एकत्रित होकर हस्ताक्षर अभियान चलाएंगे।
- केंद्र सरकार को ज्ञापन: सभी जिलों के प्रशासनिक मुख्यालयों के माध्यम से भारत सरकार को ज्ञापन भेजा जाएगा।
- सड़कों से गौशाला तक का सफर: इस मुहिम का मुख्य उद्देश्य सड़कों पर लाचार घूम रही गायों को ससम्मान सुरक्षित गौशालाओं तक पहुंचाना और गोवंश की हत्या पर पूरी तरह रोक लगाना है।
इस बड़े एलान के बाद देश के धार्मिक और राजनीतिक हलकों में एक बार फिर ‘गोमाता को राष्ट्रमाता’ का दर्जा देने की बहस तेज हो गई है।
रिपोर्ट: ब्यूरो चीफ, टुडे इंडिया न्यूज एमपी




