एक्शन मोड में निवाड़ी कलेक्टर: 7 ग्राम पंचायतों का औचक निरीक्षण कर परखीं व्यवस्थाएं, लापरवाही बरतने वालों को दी सख्त चेतावनी
ग्रामीणों से सीधा संवाद कर सुनीं समस्याएं; मिड-डे मील, राशन दुकान और नल-जल योजना की जांची जमीनी हकीकत

टुडे इंडिया न्यूज़ एमपी
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निवाड़ी। ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत नागरिक सुविधाएं सुदृढ़ करने और सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम छोर के व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन निवाड़ी बेहद गंभीर नजर आ रहा है। इसी क्रम में कलेक्टर श्रीमती जमुना भिड़े अपनी टीम के साथ अचानक ग्रामीण अंचलों के दौरे पर निकलीं। उन्होंने जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों का सघन और औचक निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को कमियां तत्काल दूर करने के कड़े निर्देश दिए।
7 ग्राम पंचायतों में जनसंवाद, मौके पर ही निपटारा
कलेक्टर श्रीमती जमुना भिड़े ने ग्राम पंचायत घूघसी, भमोरा, ढिमरपुरा, बरईपुरा, टेहरका, नामापुरा और बहेरा का औचक निरीक्षण किया। गांवों में पहुंचते ही कलेक्टर ने सीधे आमजन से संवाद स्थापित किया। उन्होंने ग्रामीणों के बीच बैठकर उनकी मूलभूत समस्याओं जैसे:
- बिजली और पानी की किल्लत
- सड़कों की खस्ताहाल स्थिति
- राशन वितरण से जुड़ी शिकायतें
इन सभी मुद्दों को ध्यान से सुना और मौके पर मौजूद विभागीय अधिकारियों को त्वरित निराकरण के लिए समय-सीमा तय कर पाबंद किया।
शासकीय संस्थाओं की बारीकी से पड़ताल
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने गांवों में संचालित विभिन्न शासकीय विभागों और परिसरों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाएं देखीं:
- स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र: कलेक्टर ने बच्चों को मिलने वाले मिड-डे मील (मध्यान्ह भोजन) और पोषण आहार की गुणवत्ता की स्वयं जांच की। उन्होंने स्कूलों में साफ-सफाई दुरुस्त रखने, बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने और शिक्षकों की उपस्थिति पंजी का मिलान किया।
- राशन दुकान और नल-जल योजना: शासकीय उचित मूल्य की दुकानों पर पहुंचकर खाद्यान्न वितरण की स्थिति देखी गई। ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ‘नल-जल योजना’ के तहत संचालित टंकियों और पाइपलाइनों के रख-रखाव की समीक्षा की गई।
”काम में ढिलाई बर्दाश्त नहीं” – कर्मचारियों को सख्त हिदायत
कलेक्टर ने ग्राम स्तर पर तैनात पंचायत सचिवों, ग्राम रोजगार सहायकों और पटवारियों को अपने मुख्यालय पर अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने की हिदायत दी। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा:
”आम जनता के काम समय-सीमा में पूरे होने चाहिए। काम में ढिलाई बरतने या लेटलतीफी करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी प्रशासनिक कार्यवाही की जाएगी।”
राजस्व मामलों और कल्याणकारी योजनाओं पर विशेष फोकस
जनसंवाद के दौरान कलेक्टर ने राजस्व विभाग के अमले को निर्देशित किया कि नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और जमीनी विवाद से जुड़े मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए।
इसके साथ ही उन्होंने निर्देश दिए कि आयुष्मान कार्ड, सामाजिक सुरक्षा पेंशन और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी लोक कल्याणकारी योजनाओं से कोई भी पात्र हितग्राही वंचित न रहे। इसके लिए संबंधित विभागों को ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष शिविर लगाने के निर्देश दिए गए हैं।




