निवाड़ी: कलेक्टर जमुना भिड़े के सख्त निर्देश— ‘जनसमस्याओं के निराकरण में कोताही बर्दाश्त नहीं, लापरवाही पर होगी सीधी कार्रवाई’
टी.एल. बैठक में सीएम हेल्पलाइन, यातायात व्यवस्था, स्वास्थ्य और विकास कार्यों की हुई विस्तृत समीक्षा; 25 जुलाई तक अधिकारियों के मुख्यालय छोड़ने पर रोक

टुडे इंडिया न्यूज़ एमपी (Today India News MP)
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निवाड़ी।
जिले की प्रशासनिक व्यवस्था को गति देने, जन कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और आमजन की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए कलेक्टर कार्यालय के सभागार में साप्ताहिक समय-सीमा (T.L.) बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए कलेक्टर श्रीमती जमुना भिड़े ने सभी जिला अधिकारियों को कड़े लहजे में निर्देशित किया कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम छोर के व्यक्ति तक पहुँचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही अक्षम्य होगी।
बैठक के दौरान कलेक्टर ने विभागवार कार्यों की समीक्षा की और निम्नलिखित प्रमुख दिशा-निर्देश जारी किए:
1. सीएम हेल्पलाइन और जनसमस्याओं का गुणवत्तापूर्ण निराकरण
- लंबित प्रकरणों की समीक्षा: सीएम हेल्पलाइन के तहत 50 और 100 दिनों से अधिक समय से लंबित मामलों की गहन समीक्षा की गई।
- गंभीरता से हो काम: कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि अधिकारी हर आवेदन की गंभीरता को समझें और केवल कागजी खानापूर्ति न करके गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करें।
- समय-सीमा में कार्रवाई: जनसुनवाई और जनप्रतिनिधियों से प्राप्त पत्रों पर समय-सीमा के भीतर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
2. यातायात प्रबंधन और अवैध पार्किंग पर आरटीओ को हंटर
- सख्त कार्रवाई के निर्देश: शहर की यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए आरटीओ विभाग को कड़े निर्देश दिए गए हैं।
- अवैध संचालन पर रोक: सड़कों पर होने वाली अवैध पार्किंग और अनधिकृत टैक्सी संचालन पर तत्काल रोक लगाने को कहा गया है। बसें केवल निर्धारित स्टैंड से ही संचालित होंगी।
3. शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला-बाल विकास को प्राथमिकता
- विद्यार्थियों के लिए विशेष कैंप: शिक्षा विभाग को निर्देशित किया गया है कि वे विद्यार्थियों और हितग्राहियों की सुविधा के लिए विशेष कैंप का आयोजन करें, ताकि उनके आवश्यक शासकीय व पहचान संबंधी दस्तावेजों के कार्य तेजी से पूरे हो सकें।
- आंगनवाड़ी और दस्तक अभियान: ‘दस्तक अभियान’ के तहत शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने तथा को-लोकेशन (Co-location) के तहत आंगनवाड़ी केंद्रों के सुचारू संचालन पर चर्चा की गई।
- स्वास्थ्य योजनाएं: स्वास्थ्य विभाग को गर्भवती माताओं का शत-प्रतिशत पंजीयन करने, उनकी समग्र आईडी अपडेट करने और ‘संबल अनुग्रह सहायता’ योजना के लंबित प्रकरणों का तुरंत निपटारा करने के निर्देश दिए गए।
4. बुनियादी सुविधाएं, स्वच्छता और अतिक्रमण पर कार्रवाई
- वार्डवार कैंप: नगर पालिका को निर्देश दिए गए कि वे वार्डों में कैंप लगाकर जनता की समस्याओं के आवेदन लें।
- जल निकासी और सफाई: मानसून और सामान्य दिनों में जल भराव की स्थिति से निपटने के लिए नालियों की नियमित सफाई और शहर से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में तेजी लाने को कहा गया है।
5. प्रशासनिक अनुशासन और पशु कल्याण
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- मुख्यालय छोड़ने पर प्रतिबंध: प्रशासनिक तंत्र को उत्तरदायी बनाने के लिए कलेक्टर ने आदेश दिया कि 25 जुलाई तक कोई भी जिला अधिकारी बिना पूर्व अनुमति के जिला मुख्यालय से बाहर नहीं जाएगा।
- गौवंश का संरक्षण: पशुपालन विभाग को सड़कों पर घूम रहे आवारा मवेशियों को सुरक्षित ढंग से गौशालाओं में शिफ्ट करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
कलेक्टर का कड़ा संदेश:
“प्रशासन का मुख्य ध्येय जनता की सेवा है। जो भी अधिकारी सौंपे गए दायित्वों और जनसमस्याओं के निराकरण में ढिलाई बरतेगा, उसके खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”
बैठक में ये वरिष्ठ अधिकारी रहे उपस्थित
इस महत्वपूर्ण प्रशासनिक बैठक में अपर कलेक्टर इकबाल मोहम्मद, जिला पंचायत सीईओ रोहन सक्सेना, एसडीएम सुश्री मनीषा जैन, डिप्टी कलेक्टर सुश्री विनीता जैन, अनिल कुमार तलैया, सुश्री स्वाति सिंह सहित जिले के समस्त विभागों के जिलाधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।




