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भारत के टैंकरों को हॉर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की मंजूरी, युद्ध के बीच भारत को राहत

ईरान-इज़राइल तनाव के बीच भारतीय जहाजों को विशेष अनुमति, वैश्विक तेल सप्लाई पर टिकी दुनिया की नजर

नई दिल्ली:  मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव और संभावित युद्ध के माहौल के बीच भारत के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान ने भारत से जुड़े तेल टैंकरों को रणनीतिक समुद्री मार्ग हॉर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की अनुमति दे दी है।

इस फैसले से भारत की ऊर्जा आपूर्ति पर मंडरा रहा बड़ा खतरा फिलहाल टलता हुआ दिखाई दे रहा है।

क्यों अहम है हॉर्मुज स्ट्रेट
हॉर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक माना जाता है। खाड़ी देशों से निकलने वाला लगभग एक-तिहाई वैश्विक तेल इसी रास्ते से होकर दुनिया के अलग-अलग देशों तक पहुंचता है। ऐसे में यहां किसी भी तरह का सैन्य तनाव वैश्विक अर्थव्यवस्था और तेल बाजार को सीधे प्रभावित करता है।

युद्ध के कारण बढ़ा खतरा
हाल के दिनों में ईरान और इज़राइल के बीच बढ़ते टकराव और अमेरिका की संभावित सैन्य भूमिका के कारण इस क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही को लेकर चिंता बढ़ गई थी। कई शिपिंग कंपनियों ने सुरक्षा कारणों से अपने टैंकरों को इस मार्ग से भेजने में हिचक दिखाई।

भारत के लिए क्यों बड़ी राहत
भारत अपनी तेल जरूरतों का लगभग 80 प्रतिशत आयात करता है और खाड़ी देशों से आने वाले तेल का बड़ा हिस्सा हॉर्मुज स्ट्रेट से होकर ही भारत तक पहुंचता है। अगर यह रास्ता बंद हो जाता तो भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों और आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ सकता था।

ट्रंप का बयान भी चर्चा में
इसी बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी हॉर्मुज स्ट्रेट को लेकर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि वैश्विक ऊर्जा सप्लाई को बनाए रखने के लिए जरूरत पड़ने पर अमेरिकी नौसेना टैंकरों को सुरक्षा प्रदान कर सकती है।

अभी भी बरकरार है तनाव
हालांकि भारतीय जहाजों को अनुमति मिलने के बावजूद क्षेत्र में सैन्य तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर अब इस बात पर है कि आने वाले दिनों में ईरान-इज़राइल और अमेरिका के बीच स्थिति किस दिशा में जाती है।

Chief Editor Ajay Kumar Gupta Babuji

सच के साथ वन्देमातरम

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