E-Paperhttps://todayindianewsmp.live/wp-content/uploads/2024/01/jjujuu.gifUncategorizedटेक्नोलॉजीटॉप न्यूज़दिल्ली NCRदेशनईदिल्लीनिवाड़ीमध्य प्रदेशराजनीतिसेवा तीर्थ PMO

प्रधानमंत्री कार्यालय का नया पता ‘सेवा तीर्थ’: जनसेवा की भावना को मिला नया आयाम

लोककल्याण, पारदर्शिता और सेवा संकल्प का प्रतीक बना नया परिसर

नई दिल्ली। देश की सर्वोच्च कार्यपालिका संस्था प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के नए पते को “सेवा तीर्थ” नाम दिए जाने के साथ ही इसे जनसेवा, समर्पण और राष्ट्र निर्माण की भावना से जोड़ा जा रहा है। यह नाम न केवल प्रशासनिक व्यवस्था का संकेत है, बल्कि सरकार की कार्यशैली में सेवा और उत्तरदायित्व को सर्वोपरि रखने के संदेश को भी दर्शाता है।

सूत्रों के अनुसार, “सेवा तीर्थ” नाम                  प्रधानमंत्री कार्यालय को एक ऐसी पहचान देने का प्रयास है, जहां से लिए जाने वाले प्रत्येक निर्णय का केंद्रबिंदु आम नागरिक हो। यह पहल प्रधानमंत्री Narendra Modi की उस सोच के अनुरूप मानी जा रही है, जिसमें शासन को सेवा का माध्यम बताया गया है।

जनभागीदारी और पारदर्शिता पर जोर
प्रधानमंत्री कार्यालय को “सेवा तीर्थ” के रूप में स्थापित करने का उद्देश्य शासन प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनसंपर्क को और मजबूत करना है। सरकार के विभिन्न विभागों के समन्वय और नीतिगत फैसलों के क्रियान्वयन का केंद्र होने के कारण PMO की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।

विशेषज्ञों का मानना है।                                          इस नामकरण से प्रशासनिक कार्यप्रणाली में सकारात्मक संदेश जाएगा और सरकारी तंत्र में सेवा-भाव को बढ़ावा मिलेगा।

 

आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित परिसर
नया परिसर अत्याधुनिक तकनीकी सुविधाओं से युक्त बताया जा रहा है, जहां डिजिटल मॉनिटरिंग, त्वरित संवाद व्यवस्था और सुरक्षा के उच्च मानक सुनिश्चित किए गए हैं। इससे निर्णय प्रक्रिया और अधिक प्रभावी और तेज होने की संभावना है।
सेवा ही सर्वोपरि

“सेवा तीर्थ” नाम अपने आप में एक संदेश है          कि शासन केवल सत्ता संचालन नहीं, बल्कि राष्ट्र और नागरिकों की सेवा का माध्यम है। यह पहल प्रशासनिक संस्कृति में सकारात्मक बदलाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार,                       यह कदम सरकार की उस प्राथमिकता को दर्शाता है जिसमें ‘सबका साथ, सबका विकास’ की अवधारणा को व्यवहार में उतारने का प्रयास किया जा रहा है।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Click to listen highlighted text!
error: Content is protected !!