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​कॉन्फेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) क्या है? देश और मध्य प्रदेश के आम व्यापारी के लिए क्यों जानना है अतिआवश्यक

छोटे दुकानदारों की सबसे बड़ी ताकत, जीएसटी, ई-कॉमर्स की मनमानी और व्यापारिक अधिकारों की रक्षा के लिए राष्ट्रीय ढाल है 'कैट' (CAIT)

​टुडे इंडिया न्यूज़ एमपी विशेष रिपोर्ट

निवाड़ी/​भोपाल/नई दिल्ली:

भारत का खुदरा व्यापार क्षेत्र देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है, लेकिन आज के डिजिटल युग और बड़े कॉर्पोरेट तथा ई-कॉमर्स दिग्गजों के दौर में छोटे और मझोले व्यापारियों के सामने अस्तित्व की बड़ी चुनौतियां खड़ी हैं। ऐसे में देश के करोड़ों दुकानदारों और व्यापारियों की आवाज बनकर जो संगठन सबसे आगे खड़ा है, उसका नाम है— कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT / कैट)। मध्य प्रदेश सहित देश के हर छोटे-बड़े व्यापारी के लिए इस संगठन के बारे में जानना और इससे जुड़ना आज के समय में बेहद आवश्यक हो गया है।

​आखिर क्या है ‘कैट’ (CAIT)?

​कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) भारत के खुदरा व्यापारियों का शीर्ष राष्ट्रीय संगठन है। इससे देश भर के 40,000 से अधिक व्यापारिक संगठन और लगभग 9 करोड़ व्यापारी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हुए हैं। यह संगठन केंद्र सरकार, राज्य सरकारों और विभिन्न नियामक निकायों के सामने व्यापारियों के हितों की जोरदार पैरवी करता है।

​आम व्यापारी के लिए इसे जानना क्यों है अति-आवश्यक? (मुख्य बिंदु)

  1. ​ई-कॉमर्स कंपनियों की मनमानी और प्रिडेटरी प्राइसिंग के खिलाफ सुरक्षा: आज ऑनलाइन शॉपिंग और विदेशी फंडिंग वाली ई-कॉमर्स कंपनियों द्वारा भारी डिस्काउंट (Predatory Pricing) के जरिए मोहल्ले की दुकानों को खत्म करने की जो साजिशें हो रही हैं, उनके खिलाफ कैट लगातार मुखर होकर कानूनी और नीतिगत लड़ाई लड़ रहा है। नए ई-कॉमर्स नियमों और पारदर्शिता के लिए कैट ने सरकार से सख्त कदम उठवाने में अहम भूमिका निभाई है।
  1. ​जीएसटी (GST) और टैक्स सुधारों में सहायता: व्यापारियों के लिए जीएसटी अनुपालन सबसे बड़ी सिरदर्दी रहा है। कैट लगातार सरकार के समक्ष सरलीकरण की मांग रखता है और व्यापारियों को टैक्स नियमों की बारीकियों को समझाने के लिए समय-समय पर कार्यशालाएं, सेमिनार और हेल्पडेस्क का संचालन करता है।

​डिजिटल और वित्तीय साक्षरता (Digital India for Traders): बदलते समय के साथ व्यापारियों को डिजिटल पेमेंट (UPI), ऑनलाइन बही-खाता और आधुनिक रिटेल मैनेजमेंट से लैस करने के लिए कैट विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाता है ताकि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के व्यापारी तकनीक की दौड़ में पीछे न छूटें।

​व्यापारिक सुरक्षा और नीतिगत बदलाव: एफडीआई (FDI) नीतियों में छोटे व्यापारियों के हितों की रक्षा करना, बिना लाइसेंस या अवैध विदेशी दखल को रोकना और व्यापारियों के लिए राष्ट्रीय खुदरा व्यापार नीति (National Retail Trade Policy) की मांग करना कैट के मुख्य एजेंडे में शामिल है।

मध्य प्रदेश के व्यापारियों के लिए क्या है खास?

​मध्य प्रदेश के चाहे छोटे कस्बों के किराना व्यापारी हों, कपड़ा विक्रेता या इलेक्ट्रॉनिक दुकानदार—राज्य के स्थानीय व्यापार संघ भी कैट के विशाल नेटवर्क से जुड़े हुए हैं। प्रदेश में टैक्स संबंधी समस्याएं हों, स्थानीय प्रशासन या बाजार के मुदद्दे हों, कैट हर स्तर पर स्थानीय व्यापारियों को मंच प्रदान करता है। संगठन से जुड़ने पर व्यापारियों को राष्ट्रीय स्तर की व्यापारिक गतिविधियों, सरकारी नीतियों के अपडेट और बिजनेस नेटवर्किंग का सीधा लाभ मिलता है।

​निष्कर्ष

​यदि आप भी एक आम व्यापारी हैं और अपने कारोबार को सुरक्षित रखकर सुरक्षित भविष्य चाहते हैं, तो ‘कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स’ (CAIT) के कार्यों, उसकी नीतियों और उसके डिजिटल अभियानों से अपडेट रहना आपके लिए सफलता की एक नई कुंजी साबित हो सकता है।

​© टुडे इंडिया न्यूज़ एमपी (विशेष संवाददाता)

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