अखिलेश के गढ़ में समाजवादी पार्टी का बड़ा एक्शन: कन्नौज में पीडीए (PDA) कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान कुर्सियां खाली रहने और भीड़ न जुटने पर पार्टी ने सख्त रुख अपनाया है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ खाली पंडाल का वीडियो राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की नाराजगी के बाद गिरी गाज विपक्ष के निशाने पर आई सपा, बीजेपी ने कसा तंज

कन्नौज में PDA सम्मेलन फ्लॉप: खाली कुर्सियों का वीडियो वायरल होने पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव का कड़ा एक्शन, जिला इकाई भंग जिलाध्यक्ष समेत पूरी कार्यकारिणी बर्खास्त: समाजवादी पार्टी ने कन्नौज के जिलाध्यक्ष कलीम खान को पद से हटाते हुए जिला इकाई और सभी फ्रंटल संगठनों को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है। उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनावों से पहले समाजवादी पार्टी (SP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने संगठन के भीतर सुस्ती और लापरवाही के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संदेश देना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में, पार्टी प्रमुख के अपने संसदीय क्षेत्र कन्नौज में आयोजित ‘PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) कार्यकर्ता सम्मेलन’ के दौरान कुर्सियां खाली रहने का मामला तूल पकड़ गया। कार्यक्रम में अपेक्षित भीड़ न जुटने और कुर्सियों के खाली पड़े रहने के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पार्टी हाईकमान ने यह कड़ा कदम उठाया है।
क्या था पूरा मामला?
कन्नौज स्थित सपा जिला कार्यालय में 16 अक्टूबर को पीडीए सम्मेलन का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल भी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। हालांकि, मंच पर नेताओं की मौजूदगी तो अच्छी-खासी थी, लेकिन सामने पंडाल और कुर्सियां लगभग खाली नजर आईं। इस असहज स्थिति और कुर्सियों के खाली रहने के वीडियो जब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए, तो राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गईं।
सूत्रों के मुताबिक, इस लचर व्यवस्था और संगठन की सक्रियता में कमी की खबर जब कन्नौज से सांसद और सपा प्रमुख अखिलेश यादव तक पहुँची, तो उन्होंने इस पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। राष्ट्रीय अध्यक्ष की नाराजगी के बाद पार्टी नेतृत्व ने त्वरित कार्रवाई करते हुए यह बड़ा फैसला लिया।
प्रदेश अध्यक्ष ने उठाया सख्त कदम
मामले की गंभीरता को देखते हुए सपा प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने रविवार शाम कन्नौज के जिलाध्यक्ष कलीम खान को उनके पद से हटा दिया। इसके साथ ही कन्नौज की पूरी जिला कार्यकारिणी, राज्य और राष्ट्रीय स्तर के संबंधित पदाधिकारियों तथा विभिन्न फ्रंटल संगठनों की इकाइयों को भी तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया गया है। पार्टी के इस अचानक और कड़े एक्शन से स्थानीय राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
विपक्ष ने बोला हमला
कन्नौज में सपा के इस फ्लॉप कार्यक्रम और खाली कुर्सियों की तस्वीरों को लेकर विपक्षी दलों ने भी समाजवादी पार्टी पर जमकर निशाना साधा है। बीजेपी नेताओं ने इसे जनता के बीच घटते समर्थन और सपा के जनाधार में कमी का प्रतीक बताया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 2027 के चुनावों से पहले इस तरह की कार्रवाई से अखिलेश यादव ने पार्टी के अन्य जिलों के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को भी साफ संदेश दे दिया है कि अनुशासनहीनता और सुस्ती किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।




