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​ओरछाधीश श्रीराम राजा सरकार के दरबार में बदला दर्शन समय: 500 साल पुरानी परंपरा के तहत आज से लागू हुई शीतकालीन व्यवस्था

​बुंदेलखंड की प्रसिद्ध धार्मिक नगरी ओरछा में मौसम में बदलाव के चलते श्री रामराजा सरकार मंदिर के कपाट अब एक घंटे देरी से खुलेंगे; श्रद्धालुओं के लिए नया शेड्यूल जारी

टुडे इंडिया न्यूज एमपी

​ओरछा (निवाड़ी):

मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध धार्मिक एवं ऐतिहासिक नगर ओरछा में विराजे राजाधिराज श्री श्री 1008 ओरछाधीश श्रीराम राजा सरकार मंदिर के दर्शन और आरती के समय में परिवर्तन कर दिया गया है। शरद पूर्णिमा के उपरांत ठंड के मौसम को देखते हुए मंदिर में शीतकालीन समय-सारणी प्रभावी कर दी गई है। लगभग 500 वर्षों से चली आ रही राजशाही परंपरा के अनुसार यहाँ हर साल मौसम के मुताबिक भगवान के जागने और विश्राम का समय बदला जाता है।

क्या रहेगा नया समय? (रामराजा सरकार दर्शन शेड्यूल)

​मंदिर प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, शीतकालीन व्यवस्था के तहत अब श्रद्धालुओं को निम्नलिखित समय-सारणी के अनुसार दर्शन लाभ मिलेगा:

​प्रातःकालीन सभा (राजभोग): अब भगवान श्री रामराजा सरकार 1 घंटे देरी से यानी सुबह 9:00 बजे जागेंगे और मंदिर के कपाट खुलेंगे। भक्त दोपहर 1:00 बजे राजभोग आरती तक दर्शन कर सकेंगे, जिसके बाद कपाट बंद कर दिए जाते हैं।

​संध्याकालीन सभा (व्यारी): शाम को मंदिर के कपाट 7:00 बजे संध्या आरती के साथ दोबारा खोले जाएंगे। श्रद्धालु रात्रि 9:30 बजे व्यारी आरती तक दर्शन कर सकेंगे।

​शयन परंपरा: रात्रि 9:30 बजे आरती और शयन के पश्चात मंदिर के कपाट बंद हो जाएंगे। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसके बाद भगवान रामराजा सरकार रात्रि विश्राम के लिए ओरछा से अयोध्या प्रस्थान करते हैं।

500 साल पुरानी अनूठी राजशाही परंपरा

​दुनियाभर में ओरछा का रामराजा मंदिर एकमात्र ऐसा धाम है जहाँ भगवान श्रीराम की पूजा एक राजा के रूप में की जाती है। यहाँ भगवान को रोजाना पुलिस द्वारा गार्ड ऑफ़ ऑनर (सलामी) दी जाती है। मंदिर के पुजारियों और परंपरा के जानकारों के अनुसार, ग्रीष्मकाल में (चैत्र पूर्णिमा से शरद पूर्णिमा तक) मंदिर सुबह 8:00 बजे खुलता है, किंतु ठंड की शुरुआत के साथ ही भगवान के विश्राम और शीतकाल को ध्यान में रखते हुए समय को एक घंटा आगे बढ़ा दिया जाता है।

​टुडे इंडिया न्यूज एमपी के माध्यम से देश भर से आने वाले सभी श्रद्धालुओं से अनुरोध किया जाता है कि वे अपनी यात्रा को सुगम बनाने के लिए इसी नए समय के अनुसार ओरछा पहुँचें

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