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​ईरान-इज़राइल जंग के बीच सर्राफा बाज़ार में कोहराम: सोना-चांदी की कीमतों में ऐतिहासिक गिरावट, निवेशक हैरान

अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में मची अफरा-तफरी का असर भारतीय बाज़ारों पर; घरेलू बाज़ार में सोने के दाम ₹1.40 लाख के करीब।

नई दिल्ली/भोपाल: मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में ईरान और इज़राइल के बीच बढ़ते तनाव और युद्ध के हालातों ने जहां दुनिया भर के शेयर बाजारों को हिला कर रख दिया है, वहीं सर्राफा बाज़ार (Bullion Market) से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने और चांदी की कीमतों में आज भारी गिरावट दर्ज की गई है। चांदी की कीमतों ने तो पिछले कई दशकों का रिकॉर्ड तोड़ते हुए एक ही दिन में भारी गोता लगाया है।

बाज़ार में क्यों मची खलबली?

​आमतौर पर युद्ध के समय सोने की कीमतें बढ़ती हैं, लेकिन इस बार स्थिति उलट दिख रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक बाज़ार में ‘प्रॉफिट बुकिंग’ और लिक्विडिटी (नकदी) की कमी के डर से बड़े निवेशकों ने सोने और चांदी से अपना पैसा निकालना शुरू कर दिया है।

सोना और चांदी: आज के ताज़ा दाम (अनुमानित)

​भारतीय बाज़ार (MCX) पर आज सुबह से ही बिकवाली का दबाव देखा गया:

  • सोना (Gold): सोने की कीमतों में करीब ₹8,000 से ₹10,000 प्रति 10 ग्राम की बड़ी गिरावट देखी गई है। रिकॉर्ड ऊंचाई से गिरने के बाद अब यह ₹1,40,000 के स्तर के आसपास कारोबार कर रहा है।
  • चांदी (Silver): चांदी में सबसे ज्यादा अफरा-तफरी मची है। कीमतों में ₹15,000 से ₹20,000 प्रति किलो तक की ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई है, जिससे यह ₹2,00,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे फिसल गई है।

गिरावट के 3 मुख्य कारण:

  1. मार्जिन कॉल और नकदी की जरूरत: युद्ध के कारण शेयर बाज़ारों में भारी नुकसान हो रहा है। इस नुकसान की भरपाई के लिए बड़े निवेशक अपना सोना बेचकर नकदी (Cash) जुटा रहे हैं।
  2. डॉलर की मजबूती: वैश्विक अनिश्चितता के बीच अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड में मजबूती आने से सोने की मांग कम हुई है।
  3. महंगाई का डर: कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ा है, जिससे निवेशकों ने रिस्की एसेट्स से दूरी बना ली है।

आम जनता के लिए क्या है संकेत?

​बाज़ार के जानकारों का कहना है कि जो लोग लंबे समय के लिए निवेश करना चाहते हैं या जिनके घरों में शादियां हैं, उनके लिए यह गिरावट एक ‘गोल्डन चांस’ हो सकती है। हालांकि, बाज़ार में अस्थिरता अभी बनी रह सकती है, इसलिए निवेश करने से पहले एक्सपर्ट्स की सलाह ज़रूर लें।

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