एमपी में शिवराज सिंह चौहान ने कसी कमान, भाजपा नेताओं के बदल गए बयान
मिशन 2028 की तैयारी या दिल्ली से बड़ी भूमिका का संकेत? प्रदेश की राजनीति में 'मामा' की सक्रियता से सियासी हलचल तेज।

भोपाल | टुडे इंडिया न्यूज एमपी मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का दबदबा साफ नजर आने लगा है। दिल्ली में कृषि और ग्रामीण विकास मंत्रालय की कमान संभालने के बाद अब शिवराज ने मध्य प्रदेश के संगठनात्मक और राजनीतिक मामलों में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। उनके इस ‘एक्शन मोड’ में आते ही प्रदेश भाजपा के उन नेताओं के सुर बदलने लगे हैं, जो कुछ समय पहले तक राज्य की राजनीति में उनके युग के अंत की चर्चा कर रहे थे।
नेताओं के बदलते सुर और नई गुटबाजी सूत्रों के अनुसार, शिवराज सिंह चौहान के हालिया दौरों और कार्यकर्ताओं के साथ सीधे संवाद ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वे भले ही दिल्ली में हों, लेकिन एमपी की ‘मिट्टी’ से उनका जुड़ाव कम नहीं हुआ है। आलम यह है कि जो नेता हाल तक नई सत्ता व्यवस्था के इर्द-गिर्द नजर आ रहे थे, वे अब फिर से ‘मामा’ की तारीफों के कसीदे पढ़ते दिखाई दे रहे हैं। कई विधायक और वरिष्ठ नेता दबी जुबान में मानने लगे हैं कि जमीनी स्तर पर आज भी शिवराज का कोई विकल्प नहीं है।
अधिकारियों और संगठन पर प्रभाव राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि शिवराज सिंह चौहान ने केंद्रीय स्तर से मध्य प्रदेश की कई योजनाओं की मॉनिटरिंग शुरू कर दी है। खासकर ‘लाड़ली बहना योजना’ और कृषि क्षेत्र में उनके द्वारा लिए जा रहे फैसलों ने उन्हें फिर से लाइमलाइट में ला दिया है। जानकारों का कहना है कि आगामी स्थानीय चुनावों और पार्टी के आंतरिक पुनर्गठन को देखते हुए शिवराज ने अपनी रणनीति तैयार कर ली है।
मुख्य आकर्षण:
- कार्यकर्ताओं में उत्साह: शिवराज के सक्रिय होते ही बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं में फिर से जोश देखा जा रहा है।
- बयानों का यू-टर्न: जो धड़ा कल तक ‘मौन’ था, वह अब सार्वजनिक मंचों पर शिवराज के अनुभव को ‘अपरिहार्य’ बता रहा है।
- दिल्ली का भरोसा: केंद्रीय नेतृत्व द्वारा उन्हें बिहार जैसे महत्वपूर्ण राज्यों के लिए ‘ऑब्जर्वर’ (Observer) बनाए जाने के बाद एमपी भाजपा में उनके विरोधियों के हौसले पस्त नजर आ रहे हैं।
फिलहाल, मध्य प्रदेश की सियासत में यह देखना दिलचस्प होगा कि शिवराज की यह ‘कसी हुई कमान’ आने वाले समय में राज्य मंत्रिमंडल और संगठन के समीकरणों को किस तरह बदलती है।
ब्यूरो रिपोर्ट, टुडे इंडिया न्यूज एमपी।




